Afghanistan–Pakistan war : पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा क्षेत्र में तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। हालिया घटनाओं में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बाजौर जिले में बड़े हमले की खबर सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हुए हमला किया, जिसमें कई सैनिकों के हताहत होने का दावा किया गया है। कुछ सूत्रों के मुताबिक मृतकों की संख्या लगभग 40 बताई जा रही है, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सीमा पर रातभर गोलीबारी और जवाबी कार्रवाई की खबरें आती रहीं। दोनों देशों के बीच बढ़ते टकराव ने क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

बाजौर बना फिर हिंसा का केंद्र
सीमा चौकियों पर कब्जे और भारी नुकसान के दावे
Afghanistan–Pakistan war अफगानिस्तान से सटे बाजौर क्षेत्र को पहले भी उग्रवादी गतिविधियों का केंद्र माना जाता रहा है। हाल के महीनों में टीटीपी ने पाकिस्तान में कई हमलों की जिम्मेदारी ली है, जिनमें सुरक्षा बलों को निशाना बनाया गया। अफगान तालिबान की ओर से भी सीमा पर कुछ पाकिस्तानी चौकियों पर हमले और सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है।
बताया जा रहा है कि हालिया हमला शुक्रवार रात को हुआ। इससे पहले भी बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया था। हालांकि, दोनों ओर से जारी बयानों में आंकड़ों को लेकर स्पष्टता नहीं है।
सीमा पर लगातार हो रही झड़पों से स्थानीय आबादी में भय का माहौल है और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।

ड्रोन हमलों की चर्चा और ‘ओपन वॉर’ की स्थिति
इस्लामाबाद में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा
Afghanistan–Pakistan war तनाव उस समय और बढ़ गया जब अफगान तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि पाकिस्तान द्वारा पक्तिया प्रांत में की गई कार्रवाई के जवाब में अफगान वायु सेना ने इस्लामाबाद के कुछ सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए। प्रवक्ताओं के अनुसार, फैजाबाद क्षेत्र के पास एक सैन्य कैंप, नौशेरा मुख्यालय, जमरूद टाउनशिप और एबटाबाद के ठिकानों को निशाना बनाया गया। हालांकि स्वतंत्र स्रोतों से इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है।
पिछले दिनों पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और पक्तिया सहित अफगान क्षेत्रों में हवाई हमले किए थे, जिसके बाद हालात ‘ओपन वॉर’ जैसे बताए जा रहे हैं। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर तनाव चरम पर है।

कूटनीतिक प्रयास और संयम की अपील
Afghanistan–Pakistan war बढ़ते संघर्ष के बीच अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मौलवी अमीर खान मुत्तकी और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान के बीच फोन पर बातचीत हुई। चर्चा में क्षेत्रीय हालात और पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव पर विशेष ध्यान दिया गया।
अफगान पक्ष ने कहा कि हालिया कदम आत्मरक्षा के तहत उठाए गए हैं और वह सभी देशों के साथ सम्मानजनक संबंध चाहता है। वहीं सऊदी अरब ने संयम बरतने और विवादों का समाधान बातचीत के जरिए निकालने की अपील की है।
अफगान इस्लामिक अमीरात ने अपनी जवाबी कार्रवाई को ‘रेड अल-जुल्म’ नाम दिया है। सीमा पर अब भी गोलीबारी की खबरें आ रही हैं, जिससे स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। क्षेत्र में शांति बहाली के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें दोनों देशों पर टिकी हैं।
Also Read This: Bhopal: क्लाइमेट पार्लियामेंट की बैठक आयोजित, मंत्री राकेश शुक्ला बोले—मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी

