IndoreIndore
Spread the love

By: Yogendra Singh

Indore : शहर के एक प्रतिष्ठित अस्पताल से जुड़े डॉक्टर द्वारा रचित खौफनाक षड्यंत्र ने सबको हिलाकर रख दिया है। एक पीड़ित दंपत्ति ने पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के समक्ष आरोप लगाया कि उन्हें आठ महीने तक बंधक बनाकर रखा गया, महिला के साथ दुष्कर्म किया गया और जन्म के बाद उनके नवजात को जबरन छीन लिया गया। पुलिस ने महिला थाना को मामले की गहन जांच और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

IVF के बहाने बुना गया षड्यंत्र

Indore घटना की शुरुआत तब हुई जब विवाहिता दंपत्ति आर्थिक संकट से जूझ रहे थे। एक परिचित के माध्यम से उनकी मुलाकात आरोपी डॉक्टर से हुई, जिसने लोन सेटल करवाने का झांसा दिया। एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे के अनुसार, डॉक्टर ने खुद को विशेषज्ञ बताकर सरोगेसी के लिए राज़ी किया।

तीन बार IVF प्रक्रिया असफल होने के बाद आरोपी ने महिला को होटल में ले जाकर नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी ने खाली स्टांप पेपर और कानूनी धमकियों का इस्तेमाल कर दंपत्ति को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। इस तरह उन्होंने आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से दंपत्ति को नियंत्रित किया।

आठ महीने की कैद और नवजात का अपहरण

Indore गर्भवती होने के बाद पीड़िता और उसके पति को इंदौर के एक फ्लैट में आठ महीने तक कैद रखा गया। वहाँ ऑडियो-वीडियो CCTV कैमरों से उन पर 24 घंटे निगरानी रखी जाती थी।

अंत में महिला ने ‘मदरहुड हॉस्पिटल’ में बेटे को जन्म दिया, लेकिन अस्पताल से बाहर आते ही आरोपी डॉक्टर और उसके साथियों ने नवजात को जबरन छीन लिया। आरोपी ने पति का मोबाइल भी फॉर्मेट कर दिया और पुलिस में शिकायत करने पर धमकियाँ दीं। दंपत्ति ने बच्चे की मांग की, तो उन्हें दशहरा मैदान बुलाकर पिस्टल की नोक पर डराया गया।

फर्जी दस्तावेज और अंतरराष्ट्रीय साजिश की आशंका

Indore पीड़ित दंपत्ति का आरोप है कि आरोपी ने पूरे मामले को दबाने के लिए फर्जी क्षतिपूर्ति समझौते और नवजात का नकली मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार करवाया। दंपत्ति ने आशंका जताई है कि आरोपी विदेश भागने की तैयारी कर रहा है और उनके बच्चे की जान खतरे में है।

एडवोकेट कुन्हारे ने बताया कि भारत में कमर्शियल सरोगेसी प्रतिबंधित है, इसके बावजूद मजबूर महिलाओं का शोषण किया जा रहा है। सुरक्षा कारणों से आरोपी का नाम फिलहाल गोपनीय रखा गया है, लेकिन पुलिस उसे पकड़ने के लिए सक्रिय हो गई है।

इस मामले ने न केवल परिवार को तहस-नहस कर दिया है, बल्कि सरोगेसी और IVF के क्षेत्र में कानूनी और नैतिक सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

Also Read This: Gwalior: मॉडल टाउन में महिला पर हमला और कार में तोड़फोड़, चेन लूट व छेड़छाड़ के आरोप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *