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US-India trade: ट्रम्प-मोदी वार्ता के बाद अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त शुल्क घटाया, कुल टैरिफ अब 43 प्रतिशत

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में एक अहम बदलाव देखने को मिला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ में कटौती का ऐलान किया है। पहले भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इस फैसले के बाद अमेरिका की ओर से भारत पर लगाया जाने वाला कुल टैरिफ अब 43 प्रतिशत रह गया है।

यह निर्णय राष्ट्रपति ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई फोन पर बातचीत के बाद सामने आया है। दोनों नेताओं के बीच यह चर्चा सोमवार को हुई, जिसमें व्यापार, ऊर्जा और वैश्विक हालात से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से बात की गई।

US-India trade: अगस्त 2025 में लगे थे दो चरणों में टैरिफ

गौरतलब है कि अमेरिका ने अगस्त 2025 में भारत पर दो बार टैरिफ लगाए थे। पहली बार 1 अगस्त को व्यापार घाटे का हवाला देते हुए 25 प्रतिशत शुल्क लगाया गया। इसके बाद 27 अगस्त को रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर भारत पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया था। अब अमेरिका ने इसी अतिरिक्त टैरिफ में आंशिक राहत देने का फैसला किया है।

US-India trade: सोशल मीडिया पर ट्रम्प का बयान

राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर प्रधानमंत्री मोदी से हुई बातचीत की जानकारी साझा की। उन्होंने पीएम मोदी को अपना मित्र बताते हुए भारत का एक मजबूत और सम्मानित नेता कहा। ट्रम्प के अनुसार, बातचीत के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने और वैश्विक शांति जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।

ऊर्जा और व्यापार को लेकर सहमति

ट्रम्प ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने रूस से तेल आयात कम करने और अमेरिका से अधिक ऊर्जा खरीदने पर सहमति जताई है। जरूरत पड़ने पर भारत अन्य देशों से भी तेल खरीद सकता है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच एक त्वरित व्यापार समझौता भी हुआ है। इस समझौते के तहत भारत अमेरिकी उत्पादों के लिए अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने की दिशा में कदम बढ़ाएगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक, आने वाले समय में भारत अमेरिका से ऊर्जा, तकनीक, कृषि और अन्य क्षेत्रों में 500 अरब डॉलर से अधिक का व्यापार कर सकता है। ट्रम्प ने कहा कि इस समझौते से दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे और भारत-अमेरिका साझेदारी को नई दिशा मिलेगी।

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