Counterfeit: रक्सौल में बड़े पैमाने पर छापा, बिहार से जुड़ा कनेक्शन
Report by: Rajneesh Kumar
नेपाल में मार्च 2026 में होने वाले चुनाव से पहले नकली नोटों की सप्लाई का भंडाफोड़ हुआ है। भारत-नेपाल सीमा पर रक्सौल पुलिस, एसएसबी और स्थानीय थाना की संयुक्त कार्रवाई में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान 25 लाख रुपए के नकली नेपाली नोट और 18,500 रुपए के भारतीय जाली नोट बरामद हुए।
Counterfeit: आरोपियों की गिरफ्तारी और कबूलनामे
युवकों को रक्सौल के बौधी माई स्थान के पास पकड़ने के बाद पूछताछ की गई। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे एक बड़े जाली नोट गिरोह का हिस्सा हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि नेपाल में फेक करेंसी डिलीवरी के लिए वे सक्रिय थे। इस गिरोह में नेपाल का कुख्यात तस्कर तिलक बहादुर थिंग भी शामिल है।
Counterfeit: सीतामढ़ी में मिनी प्रिंटिंग फैक्ट्री
जांच में पता चला कि नकली नोटों की छपाई बिहार के सीतामढ़ी जिले के मेजरगंज इलाके में एक मिनी प्रिंटिंग फैक्ट्री में की जाती थी। यहां विशेष प्रिंटिंग मशीन और केमिकल की मदद से नेपाली और भारतीय नोटों की नकल तैयार की जाती थी।
छापेमारी में बरामदगी
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने मेजरगंज में छापेमारी की। छापेमारी में नोट छापने की मशीन, नकली नोटों की बड़ी खेप, तीन बाइक और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। इस दौरान आठ अन्य तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया।
मास्टरमाइंड और आगे की जांच
रक्सौल एसडीपीओ मनीष आनंद ने बताया कि यह गिरोह पिछले एक साल से नकली नोट छाप रहा था और चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए इसका इस्तेमाल करने वाला था। जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड राकेश सिंह है, जो हाल ही में जेल से बाहर आया है। वह इससे पहले भी जाली नोट मामले में 17 साल जेल में रह चुका था। पुलिस फिलहाल नेटवर्क के अन्य लिंक और सीमा पार फैले रैकेट की गहन जांच कर रही है।
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