UP High-Speed Rail: वाराणसी से दिल्ली और सिलीगुड़ी तक तेज रेल संपर्क को मिली मंजूरी
लखनऊ। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 में उत्तर प्रदेश को एक बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना की सौगात दी है। बजट भाषण के दौरान उन्होंने राज्य में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के निर्माण को मंजूरी दिए जाने की घोषणा की। यह कदम देश में तेज, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
UP High-Speed Rail: सात प्रमुख शहरों को जोड़ने की राष्ट्रीय योजना
केंद्र सरकार ने देश के सात प्रमुख शहरों के बीच हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की योजना को बजट में शामिल किया है। इन शहरों में दिल्ली, वाराणसी, सिलीगुड़ी, मुंबई, पुणे, हैदराबाद और चेन्नई शामिल हैं।
विशेष रूप से वाराणसी को दिल्ली और सिलीगुड़ी से जोड़ने वाली हाई-स्पीड रेल परियोजना को बजट 2026 में औपचारिक स्वीकृति मिलना उत्तर प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
UP High-Speed Rail: यात्रा समय में होगी बड़ी कमी
हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण से लंबी दूरी की यात्रा कहीं अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगी। परियोजना के पूरा होने के बाद वाराणसी से दिल्ली की दूरी मात्र 4 से 4.30 घंटे में तय की जा सकेगी।
हालांकि वर्तमान में वंदे भारत जैसी सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनें संचालित हो रही हैं, लेकिन नई परियोजना से देश में अत्याधुनिक रेल परिवहन का नया दौर शुरू होने की उम्मीद है।
धन आवंटन के बाद शुरू होगा निर्माण कार्य
बजट में मंजूरी मिलने के बाद अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए वित्तीय आवंटन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। इसके साथ ही निर्माण कार्य को भी गति मिलेगी। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
बजट में हाई-स्पीड रेल को लेकर क्या है खास
केंद्रीय बजट 2026-27 में देश के प्रमुख शहरी, आर्थिक और औद्योगिक केंद्रों को जोड़ने वाले सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य:
- पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देना
- प्रदूषण में कमी लाना
- क्षेत्रीय और औद्योगिक विकास को गति देना
प्रस्तावित रूट्स में मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–बेंगलुरु, हैदराबाद–चेन्नई, चेन्नई–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी शामिल हैं।
रेलवे ने तैयार किया परियोजना का प्रारंभिक खाका
दिल्ली–वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की अनुमानित लंबाई लगभग 865 किलोमीटर होगी। यह मार्ग दिल्ली, मथुरा, आगरा, इटावा, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज और भदोही से होते हुए वाराणसी तक जाएगा।
आगे इसे वाराणसी से सिलीगुड़ी तक विस्तार देने की योजना है, जिससे दिल्ली से पश्चिम बंगाल तक हाई-स्पीड रेल यात्रा संभव हो सकेगी। इस परियोजना का लाभ उत्तर प्रदेश के साथ-साथ बिहार को भी मिलने की उम्मीद है।
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