Giridih Suicide: परिवार के सदस्यों के पहुंचने से पहले ही थम गई जिंदगी
गिरिडीह जिले के नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बरगण्डा इलाके में शनिवार की सुबह एक हृदयविदारक घटना घटी। यहां 11वीं कक्षा पढ़ने वाली 17 वर्षीय छात्रा पूजा कुमारी मंडल ने अपने किराए के कमरे में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही नगर थाना प्रभारी ज्ञान रंजन सहित पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
Giridih Suicide: अंतिम संदेश ने परिवार को हिला दिया
मृतका पूजा ने घटना से ठीक पहले सुबह लगभग 11 बजे अपने मोबाइल फोन से परिवार के सदस्यों को एक संदेश भेजा। इस संदेश में उसने स्पष्ट रूप से लिखा कि वह फांसी लगाने जा रही है। संदेश पढ़ते ही परिजन घबरा गए और जल्दबाजी में उसके कमरे की ओर रवाना हो गए। लेकिन जब उन्होंने दरवाजा खोला, तो उनके सामने जो नजारा था, वह बेहद दर्दनाक था—पूजा का शव पहले से ही फंदे पर लटका हुआ था और उसकी सांसें स्थिर हो चुकी थीं। परिवार के सदस्यों के पहुंचने से पहले ही छात्रा ने दम तोड़ दिया था।
Giridih Suicide: पढ़ाई के लिए किराए पर रहती थी
पूजा कुमारी मूल रूप से मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के कासियाडीह गांव की रहने वाली थी। पिछले आठ महीनों से वह गिरिडीह के बरगण्डा मोहल्ले में दीपक कुमार सिंह के मकान में एक कमरा किराए पर लेकर रह रही थी। वह जमुआ स्थित लंगटा बाबा कॉलेज में कक्षा 11वीं की छात्रा थी। साथ ही, वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग भी नियमित रूप से अटेंड कर रही थी। पढ़ाई के प्रति उसकी गहन रुचि और मेहनत सभी को प्रभावित करती थी। एक प्रतिभाशाली और महत्वाकांक्षी छात्रा के रूप में उसे जाना जाता था।
इलाके में फैला शोक का माहौल
इस घटना ने पूरे क्षेत्र में गहरा मातम पसरा हुआ है। सहपाठी, शिक्षक और स्थानीय लोग इस सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। इतनी कम उम्र में एक होनहार लड़की का इस तरह चले जाना हर किसी के लिए अप्रत्याशित और दुखद है। लोग इसे एक बड़ी त्रासदी मान रहे हैं और पूजा की याद में शोक व्यक्त कर रहे हैं।
पुलिस जांच जारी, कारण अभी अज्ञात
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। छात्रा के मोबाइल से वह अंतिम संदेश प्राप्त हुआ है, लेकिन घटनास्थल पर कोई लिखित सुसाइड नोट या अन्य दस्तावेज अभी तक नहीं मिला है। जांचकर्ता अब उसके कॉल रिकॉर्ड, मैसेज हिस्ट्री, दोस्तों और परिवार के बयानों के आधार पर गहन छानबीन कर रहे हैं। मुख्य रूप से यह पता लगाया जा रहा है कि क्या पढ़ाई का बढ़ता दबाव, कोई व्यक्तिगत परेशानी, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या या कोई अन्य वजह इस कदम के पीछे थी। अभी तक आत्महत्या का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो सका है और पुलिस इस दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है।
ऐसी घटनाएं युवा पीढ़ी में बढ़ते तनाव और दबाव की गंभीर समस्या को उजागर करती हैं। समाज, परिवार और शिक्षा संस्थानों को मिलकर युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
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