NalandaNalanda
Spread the love

Nalanda: बिहार के नालंदा जिले से एक ऐसी क्रूर घटना सामने आई है जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। यहां दहेज की मांग पूरी न होने पर एक युवती महिला को, जो दो महीने की गर्भवती थी, कथित तौर पर उसके ससुराल वालों ने पहले बेरहमी से पीटा और फिर तेल डालकर जिंदा जला दिया। इस अमानवीय वारदात के बाद पूरा आरोपी परिवार घर छोड़कर फरार हो गया है। यह घटना मानवता के लिए शर्म का सबब बन गई है और दहेज जैसी सामाजिक कुरीति की क्रूरता को एक बार फिर उजागर कर रही है।

Nalanda: शादी को हुए मात्र नौ महीने

मृतका की पहचान स्तुति कुमारी के रूप में हुई है। वह थरथरी थाना क्षेत्र के मेहतरमा गांव में रहने वाले चिंटू कुमार उर्फ मणिकांत की पत्नी थीं। दोनों की शादी लगभग नौ महीने पहले हुई थी। मृतका के मायके पक्ष का दावा है कि विवाह के समय से ही ससुराल वाले सोने की चेन की मांग कर रहे थे। जब यह मांग पूरी नहीं हुई, तो स्तुति को लगातार शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी जाने लगीं। परिवार वालों ने बताया कि वह प्रताड़ना का शिकार बनती रहीं, लेकिन कोई राहत नहीं मिली।

Nalanda: क्रूरता की हदें पार: पहले मारपीट, फिर आग लगाई

परिजनों के अनुसार, स्तुति करीब दो महीने की गर्भवती थीं, लेकिन ससुराल पक्ष को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ा। घटना के दिन पहले उन्हें जमकर पीटा गया। इसके बाद, संभवतः सबूत मिटाने या उनकी जान लेने के इरादे से उनके शरीर पर तेल छिड़ककर आग लगा दी गई। जब ग्रामीणों और पुलिस को सूचना मिली और वे मौके पर पहुंचे, तब तक स्तुति बुरी तरह झुलस चुकी थीं और उनकी मौत हो चुकी थी। आरोपी परिवार के सदस्य घटनास्थल से भाग चुके थे, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

पुलिस जांच तेज, फरार आरोपियों की तलाश जारी

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतका के पिता की शिकायत पर थरथरी थाने में मामला दर्ज किया गया है। हिलसा की डीएसपी शैलजा कुमारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच को मजबूत बनाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को मौके पर बुलाया गया है, जो सबूत जुटा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है ताकि मौत का सटीक कारण पता चल सके। पुलिस ने फरार आरोपियों—जिनमें पति चिंटू कुमार और अन्य ससुराल वाले शामिल हैं—को पकड़ने के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी शुरू कर दी है।

यह घटना दहेज प्रथा की जड़ों को एक बार फिर उजागर करती है, जहां एक सोने की चेन जैसी छोटी मांग भी किसी निर्दोष महिला और उसके अजन्मे बच्चे की जान ले लेती है। समाज में जागरूकता फैलाने और सख्त कानूनी कार्रवाई की जरूरत है ताकि ऐसी अमानवीय घटनाएं दोबारा न हों। पुलिस का कहना है कि दोषियों को जल्द ही सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।

Also Read This: General Cleared: चीन के शीर्ष सैन्य जनरल को गंभीर आरोपों से क्लीन चिट