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By: Ravindra Sikarwar

Karnataka news: हुबली शहर में मतदाता सूची संशोधन को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक गंभीर घटना सामने आई है। भाजपा की एक महिला कार्यकर्ता ने पुलिस पर हिरासत के दौरान मारपीट और कपड़े फाड़ने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने इन दावों को खारिज कर दिया है। यह मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया है और दोनों पक्षों से तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

घटना का विवरण

हुबली-धारवाड़ क्षेत्र में विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच पहले से ही तनाव था। आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ता सुजाता उर्फ विजयलक्ष्मी हांडी ने कुछ मतदाताओं के नाम सूची से हटाने में अधिकारियों की मदद की थी। इसी को लेकर कांग्रेस पार्षद सुवर्णा कल्लाकुंतला की शिकायत पर पुलिस ने महिला को हिरासत में लिया।

हिरासत के दौरान बस में महिला का विरोध करने पर कथित रूप से हाथापाई हुई, जिसमें उनके कपड़े फट गए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में महिला को पुलिसकर्मियों से घिरा हुआ देखा जा सकता है। भाजपा का दावा है कि यह पुलिस की बर्बरता और राजनीतिक दबाव का नतीजा है।

पुलिस का पक्ष

हुबली पुलिस आयुक्त एन शशिकुमार ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि महिला ने गिरफ्तारी से बचने के लिए खुद अपनी साड़ी उतारी और पुलिसकर्मियों पर हमला किया। वाहन में कई महिला पुलिसकर्मी मौजूद थीं और किसी तरह की बदसलूकी नहीं हुई। पुलिस ने कहा कि महिला के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं और कार्रवाई नियमों के अनुसार की गई।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

भाजपा नेताओं ने इस घटना को अमानवीय करार देते हुए कांग्रेस सरकार पर हमला बोला है। पार्टी ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, कांग्रेस पक्ष का कहना है कि यह पुराना विवाद है और पुलिस ने निष्पक्षता से काम किया। मामले की जांच जारी है और आगे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

यह घटना महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठा रही है, जिससे राज्य में राजनीतिक माहौल और तनावपूर्ण हो गया है।