By: Ravindra Sikarwar
मध्य प्रदेश के सागर जिले में बुधवार तड़के करीब 4 बजे उस वक्त कोहराम मच गया जब नेशनल हाईवे-44 पर बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) की गाड़ी एक कंटेनर ट्रक से इस कदर टकराई कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। हादसे में चार पुलिस जवानों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। जवान मुरैना में नक्सल-विरोधी ऑपरेशन की ड्यूटी पूरी करके सागर स्थित अपने बेस कैंप लौट रहे थे।
हादसा बादरी-मालथौन के बीच उस हिस्से पर हुआ जहाँ हाईवे मरम्मत के चलते पिछले डेढ़ किलोमीटर से वन-वे बना हुआ है। पुलिस का प्राथमिक अनुमान है कि घने कोहरे और अंधेरे में जवानों की तेज रफ्तार बोलेरो को सामने से आता कंटेनर दिखाई नहीं दिया और सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर का असर इतना जबरदस्त था कि बोलेरो पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गई और उसका आगे का हिस्सा ट्रक के नीचे घुस गया।
मृतकों की शिनाख्त इस प्रकार हुई है:
- प्रधुम्न दीक्षित (मुरैना)
- अमन कौरव (मुरैना)
- परमलाल तोमर (ड्राइवर, मुरैना)
- विनोद शर्मा (डॉग मास्टर, भिंड)
गंभीर रूप से घायल कॉन्स्टेबल राजीव चौहान (मुरैना) को तुरंत सागर के बंसल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। हैरानी की बात यह है कि वाहन में सवार पुलिस का स्निफर डॉग इस भयानक हादसे में पूरी तरह सुरक्षित बच गया। घटनास्थल पर पहुंची क्रेन ने दोनों वाहनों को अलग किया तब जाकर शव बाहर निकाले जा सके।
जवानों की यह टीम मुरैना-शिवपुरी बॉर्डर पर नक्सल गतिविधियों की सूचना पर बम सर्च और डिस्पोजल की ड्यूटी पर गई थी। मंगलवार देर रात ड्यूटी खत्म होने के बाद वे वापस लौट रहे थे। रात भर की थकान, कोहरा और अचानक वन-वे शुरू होने की वजह से ड्राइवर शायद सतर्क नहीं रह सका – यह शुरुआती जांच में सामने आ रहा है। हालांकि फॉरेंसिक टीम और मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर पूरी घटना की गहन जांच कर रहे हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही सागर कलेक्टर दीपक आर्य, SP अभिषेक तिवारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। NH-44 पर कई घंटे तक दोनों तरफ लंबा जाम लगा रहा। पुलिस ने वैकल्पिक रास्तों से वाहनों को निकाला। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है।
मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। DGP सुदेश कुमार ने ट्वीट कर लिखा, “हमारे चार वीर बम निरोधक दस्ते के जवान ड्यूटी की वेदी पर बलिदान हो गए। पूरा पुलिस परिवार स्तब्ध और दुखी है। शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।” मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी ट्वीट कर शोक संवेदना जताई और घायल जवान के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं।
पिछले कुछ महीनों में नेशनल हाईवे-44 का यह हिस्सा लगातार हादसों की वजह से सुर्खियों में रहा है। सड़क चौड़ीकरण और मरम्मत कार्य के चलते जगह-जगह अस्थायी डायवर्जन और वन-वे बने हुए हैं, जिसकी वजह से रात के समय बड़े हादसे हो रहे हैं। स्थानीय लोग और ट्रक ड्राइवर लंबे समय से उचित साइनेज, रिफ्लेक्टर और स्पीड ब्रेकर की मांग कर रहे थे, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ड्यूटी के बाद थके-हारे जवानों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चार जांबाजों का इस बलिदान ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।
