रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
Morena : मुरैना और धौलपुर के बीच एक 9 वर्षीय मासूम बच्ची की ऐसी हृदयविदारक कहानी सामने आई है, जो मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देती है। तीन साल पहले जिस माँ ने अपनी बच्ची को एक अनजान महिला के पास छोड़ दिया था, आज उसी मासूम को उसके माता-पिता से मिलाने के लिए पुलिस मोहल्लों की खाक छान रही है। न्यायालय की फटकार के बाद जागी धौलपुर पुलिस बच्ची को लेकर मुरैना पहुँची, लेकिन घंटों की तलाश के बाद भी सफलता हाथ नहीं लगी।

Morena कोर्ट की सख्ती के बाद जागी पुलिस, मुरैना की गलियों में सुराग की तलाश
धौलपुर पुलिस के एएसआई गोपाल सिंह मासूम ‘रानी’ (परिवर्तित नाम) को लेकर मुरैना के कोतवाली थाने पहुँचे। करीब ढाई साल पहले चाइल्ड हेल्प लाइन ने इस बच्ची को बाड़ी (धौलपुर) से रेस्क्यू कर बालिका गृह भेजा था। लंबे समय तक फाइल दबी रही, लेकिन कोर्ट के कड़े रुख के बाद पुलिस सक्रिय हुई। बच्ची को लेकर पुलिस की टीम रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और मेला परिसर सहित शहर की निचली बस्तियों में भटकती रही, ताकि बच्ची अपने घर या किसी परिजन को पहचान सके।
Morena माँ की ममता या मानव तस्करी का काला खेल?
इस मामले में पुलिस एक गंभीर पहलू पर भी जाँच कर रही है। बच्ची ने बताया कि उसकी माँ ‘रेशमा’ उसे बाड़ी में एक अज्ञात महिला के घर छोड़ गई थी। पुलिस को अंदेशा है कि यह मामला केवल ‘छोड़ देने’ का नहीं, बल्कि ‘मानव तस्करी’ से जुड़ा हो सकता है। क्या मासूम को किसी लालच में बेचा गया था? पुलिस इन सुलगते सवालों के जवाब तलाश रही है, क्योंकि किसी भी माँ का अपनी संतान को इस तरह अनजान हाथों में सौंपना सामान्य नहीं है।
Morena खाली हाथ लौटी टीम, गुमशुदगी के रिकॉर्ड खंगालने में जुटी पुलिस
दिन भर मुरैना और बानमोर कस्बे के चक्कर काटने के बाद भी जब बच्ची के परिवार का कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस टीम उसे वापस धौलपुर बालिका गृह ले गई। फिलहाल मासूम की आँखों में अपने घर लौटने का इंतज़ार बरकरार है। अब पुलिस मुरैना और आसपास के जिलों के पुराने गुमशुदगी के रिकॉर्ड्स (Missing Person Records) खंगाल रही है ताकि मासूम को उसका बिछड़ा हुआ परिवार वापस मिल सके।
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