by-Ravindra Sikarwar
अयोध्या के तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगत्गुरु परमहंस आचार्य ने एक बार फिर विवादास्पद लेकिन सनसनीखेज बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अब समय आ चुका है कि भारत को संवैधानिक रूप से हिंदू राष्ट्र घोषित कर दिया जाए और देश में रह रहे मुस्लिमों तथा ईसाइयों की भारतीय नागरिकता समाप्त कर दी जाए।
सोमवार देर रात बिहार के सीतामढ़ी जिले के हरिपुर बनवा गांव में डॉ. अशोक मिश्रा के निवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान मीडिया से बातचीत में परमहंस आचार्य ने कहा,
“बस एक चुनाव की देर है। अगला लोकसभा चुनाव होते ही भारतीय जनता पार्टी 400 से अधिक सीटें जीतेगी। अभी बिहार विधानसभा उपचुनाव के नतीजे इसका स्पष्ट संकेत दे रहे हैं। आने वाला समय भारतीय संस्कृति का होगा और हिंदू संस्कृति का परचम पूरी दुनिया में लहराएगा।”
6 करोड़ घुसपैठिए देश में मौजूद:
परमहंस ने दावा किया कि इस वक्त भारत में करीब 6 करोड़ मुस्लिम घुसपैठिए मौजूद हैं, जो पाकिस्तान, बांग्लादेश और म्यांमार (रोहिंग्या) से अवैध रूप से आए हैं। उन्होंने कहा,
“जब तक खुफिया एजेंसियां इन घुसपैठियों को चिह्नित कर इन्हें देश से बाहर नहीं निकालतीं, तब तक आतंकवाद पूरी तरह खत्म नहीं होगा। पहले बाहर से आतंकवादी आते थे, फिर मदरसों से निकलने लगे, अब साबित हो गया है कि मुसलमान चाहे अनपढ़ हो, जाहिल हो या डॉक्टर-इंजीनियर बन जाए, जहां भी रहेगा, भारत-विरोधी गतिविधियों में लगा रहेगा।”
डॉ. भीमराव आंबेडकर का हवाला:
परमहंस आचार्य ने डॉ. बाबासाहब आंबेडकर की किताब ‘Pakistan or the Partition of India’ का जिक्र करते हुए कहा,
“बाबासाहब ने स्पष्ट लिखा है कि मुसलमान और ईसाई भारतीय समाज की आंख में कंकड़ की तरह हैं। जब तक यह कंकड़ नहीं निकाला जाएगा, आंख को चैन नहीं मिलेगा। अब वही करना है जो बाबासाहब ने कहा था।”
कांग्रेस-सपा पर हमला, गोहत्या का मुद्दा:
उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि इन पार्टियों के शासनकाल में संस्कृति-विरोधी विचारधारा को बढ़ावा मिला, जिसकी वजह से आज भी गौहत्या पूरी तरह बंद नहीं हो पा रही। उन्होंने 7 नवंबर 1966 के संसद मार्च का जिक्र करते हुए कहा,
“लाखों हिंदू संसद भवन के सामने गौहत्या बंद करने की मांग को लेकर पहुंचे थे, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन पर गोली चलवा दी थी और हजारों निर्दोष लोग मारे गए थे।”
परमहंस ने भरोसा जताया कि मोदी सरकार के अगले पांच साल के कार्यकाल में गोवंश को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाएगा और भारत को संवैधानिक रूप से हिंदू राष्ट्र का दर्जा दे दिया जाएगा।
परमहंस आचार्य के इन बयानों से एक बार फिर देश में नई बहस छिड़ गई है। कई संगठन इसे हिंदू राष्ट्र की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं, वहीं विपक्षी दल और अल्पसंख्यक संगठन इसे संविधान विरोध एवं सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिश करार दे रहे हैं।
