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by-Ravindra Sikarwar

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने डिजिटल पहचान प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए एक नया ई-आधार मोबाइल ऐप पेश किया है। यह ऐप 9 नवंबर 2025 को लॉन्च हुआ, जो देश के 140 करोड़ से अधिक नागरिकों को स्मार्टफोन पर अपनी आधार जानकारी को पूरी तरह सुरक्षित रखने, एक्सेस करने और साझा करने की सुविधा प्रदान करता है। पुराने एम-आधार ऐप के विपरीत, यह नया ऐप विशेष रूप से कागज-रहित अनुभव पर केंद्रित है, जहां उपयोगकर्ता भौतिक आधार कार्ड या फोटोकॉपी ले जाने की जरूरत से मुक्त हो जाते हैं। ऐप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म्स पर गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से मुफ्त डाउनलोड किया जा सकता है। यह न केवल व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं के लिए सुविधाजनक है, बल्कि परिवार के कई सदस्यों के आधार प्रोफाइल को एक ही डिवाइस पर प्रबंधित करने की क्षमता प्रदान करता है, जिससे दैनिक पहचान सत्यापन प्रक्रिया सरल हो जाती है।

यूआईडीएआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर ऐप लॉन्च की घोषणा करते हुए कहा, “अपनी डिजिटल पहचान को स्मार्ट तरीके से कैरी करें! नया आधार ऐप उन्नत सुरक्षा, आसान पहुंच और पूरी तरह कागज-रहित अनुभव प्रदान करता है—कहीं भी, कभी भी।” यह ऐप डिजिटल इंडिया अभियान का हिस्सा है, जो आधार को अधिक लचीला, गोपनीय और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाता है। पुराने एम-आधार ऐप में पीवीसी कार्ड ऑर्डर करने, ईमेल-मोबाइल वेरिफिकेशन या वर्चुअल आईडी जनरेट करने जैसी सुविधाएं हैं, लेकिन नया ऐप स्टोरेज, शेयरिंग और सिक्योरिटी पर फोकस करता है। भविष्य में, यूआईडीएआई 2025 के अंत तक एक उन्नत ई-आधार ऐप लाने की योजना बना रहा है, जो एआई-आधारित ऑनलाइन डेमोग्राफिक अपडेट्स की सुविधा देगा।

ऐप की प्रमुख विशेषताएं: सुरक्षा और सुविधा का संतुलन
यह ऐप उपयोगकर्ताओं को अपनी आधार जानकारी को एक सुरक्षित डिजिटल वॉलेट की तरह प्रबंधित करने की अनुमति देता है। यहां मुख्य फीचर्स की विस्तृत सूची दी गई है:

विशेषताविवरण
बहु-प्रोफाइल प्रबंधनएक ही मोबाइल नंबर से लिंकित अधिकतम पांच परिवार सदस्यों के आधार कार्ड्स को ऐप में जोड़ें। इससे पूरे परिवार की पहचान एक डिवाइस पर आसानी से संभाली जा सकती है।
बायोमेट्रिक लॉकचेहरे की पहचान (फेस आईडी) या फिंगरप्रिंट से ऐप को लॉक करें। लॉक मोड में कोई भी जानकारी एक्सेस या शेयर नहीं की जा सकती, जब तक आप खुद अनलॉक न करें।
चयनात्मक डेटा शेयरिंगसत्यापन के दौरान चुनें कि कौन-सी जानकारी दिखानी है—जैसे केवल नाम और फोटो, जबकि पता या जन्मतिथि छिपा दें। इससे गोपनीयता बनी रहती है।
क्यूआर कोड सत्यापनऐप से क्यूआर कोड जनरेट करें और स्कैन करें। बैंक, सरकारी कार्यालयों या सेवा केंद्रों पर तुरंत पेपरलेस वेरिफिकेशन, जैसे यूपीआई पेमेंट की तरह सरल।
ऑफलाइन एक्सेसप्रारंभिक सेटअप के बाद इंटरनेट के बिना आधार विवरण देखें, हालांकि पूर्ण फंक्शनलिटी के लिए ऑनलाइन कनेक्शन जरूरी।
उपयोग इतिहास ट्रैकिंगऐप में लॉग फीचर से देखें कि आपकी आधार कब, कहां और कैसे इस्तेमाल हुई। इससे अनधिकृत उपयोग की निगरानी आसान।
चेहरा प्रमाणीकरणआधार प्रोफाइल फोटो से जुड़ी एआई-आधारित फेस रिकग्निशन, बिना फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन के।
मास्क्ड आधार डिस्प्लेआधार नंबर को आंशिक रूप से छिपाकर दिखाएं, पूर्ण विवरण तभी प्रकट करें जब जरूरी हो।

ये फीचर्स उपयोगकर्ताओं को पूर्ण नियंत्रण देते हैं, जैसे कि संवेदनशील बायोमेट्रिक डेटा को लॉक रखना या केवल आवश्यक विवरण साझा करना। ऐप वेरिफायबल क्रेडेंशियल फॉर्मेट में डेटा शेयरिंग सपोर्ट करता है, जो फ्रॉड को रोकता है।

ऐप कैसे डाउनलोड और सेटअप करें: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
ऐप इंस्टॉलेशन और सेटअप प्रक्रिया सरल है, जो महज कुछ मिनटों में पूरी हो जाती है। ध्यान दें कि डेवलपर नाम “यूआईडीएआई” ही होना चाहिए, ताकि फर्जी ऐप से बचें। यहां चरणबद्ध तरीके से प्रक्रिया दी गई है:

  1. डाउनलोड करें: गूगल प्ले स्टोर (एंड्रॉयड) या एप्पल ऐप स्टोर (आईओएस) पर “आधार” सर्च करें और ऑफिशियल ऐप डाउनलोड करें।
  2. परमिशन दें: ऐप ओपन करने पर कैमरा, स्टोरेज और लोकेशन जैसी आवश्यक अनुमतियां प्रदान करें।
  3. आधार नंबर दर्ज करें: अपना 12-अंकीय आधार नंबर एंटर करें और शर्तें स्वीकार करें।
  4. मोबाइल वेरिफिकेशन: आधार से लिंकित मोबाइल पर आने वाले ओटीपी से वेरिफाई करें।
  5. फेस ऑथेंटिकेशन: ऐप कैमरा से चेहरा स्कैन करेगी और आधार प्रोफाइल फोटो से मैच करेगी। यह स्टेप पहचान की पुष्टि के लिए अनिवार्य है।
  6. सिक्योरिटी पिन सेट करें: एक मजबूत 6-अंकीय पिन बनाएं, जो ऐप को लॉक रखेगा।
  7. प्रोफाइल एक्सेस: सेटअप पूरा होने पर आधार कार्ड ऐप में दिखाई देगा। आप इसे मास्क कर सकते हैं, बायोमेट्रिक लॉक लगा सकते हैं या क्यूआर कोड शेयर कर सकते हैं।
  8. अतिरिक्त प्रोफाइल जोड़ें: परिवार के अन्य सदस्यों के आधार जोड़ने के लिए प्रक्रिया दोहराएं (अधिकतम 5, वही मोबाइल नंबर)।

एक बार सेटअप हो जाने के बाद, ऐप अपडेटेड आधार विवरण को ऑटोमैटिकली रिफ्रेश करता है। हालांकि, बायोमेट्रिक अपडेट्स (जैसे फिंगरप्रिंट या आईरिस) के लिए अभी भी आधार केंद्र जाना पड़ेगा।

पुराने एम-आधार ऐप से अंतर: पूरक भूमिका
यह नया ऐप एम-आधार का विकल्प नहीं, बल्कि पूरक है। एम-आधार में डाउनलोड, वेरिफिकेशन और अपडेट सुविधाएं हैं, जबकि नया ऐप स्टोरेज और शेयरिंग पर जोर देता है। उदाहरण के लिए, एम-आधार से पीवीसी कार्ड ऑर्डर करें, लेकिन दैनिक उपयोग के लिए नया ऐप इस्तेमाल करें। दोनों ऐप्स एक साथ रखने से पूर्ण डिजिटल आधार प्रबंधन संभव है।

सुरक्षा टिप्स: डेटा की रक्षा कैसे करें
ऐप सुरक्षा पर विशेष ध्यान देता है, लेकिन उपयोगकर्ताओं को सतर्क रहना चाहिए:

  • मजबूत पिन और बायोमेट्रिक लॉक हमेशा सक्रिय रखें।
  • ओटीपी कभी शेयर न करें और ऐप को अपडेट रखें।
  • डेटा शेयरिंग रिक्वेस्ट की जांच करें और केवल आवश्यक जानकारी दें।
  • फर्जी ऐप्स से बचें—हमेशा ऑफिशियल स्टोर से डाउनलोड करें।
  • उपयोग इतिहास नियमित चेक करें ताकि कोई अनधिकृत एक्सेस न हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह ऐप साइबर फ्रॉड को कम करेगा, क्योंकि पूर्ण आधार नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं।

डिजिटल पहचान का नया युग:
ई-आधार ऐप आधार प्रणाली को अधिक सुलभ और सुरक्षित बनाता है, खासकर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जहां भौतिक दस्तावेजों की समस्या आम है। यह न केवल कागज बचाता है, बल्कि गोपनीयता को मजबूत करता है, जिससे पहचान सत्यापन “यूपीआई पेमेंट जितना आसान” हो जाता है। यूआईडीएआई की यह पहल डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को गति देगी, लेकिन उपयोगकर्ताओं को जागरूक रहना होगा। यदि आपका आधार लिंकित मोबाइल नंबर सक्रिय है, तो आज ही ऐप डाउनलोड करें और डिजिटल यात्रा शुरू करें। भविष्य के अपडेट्स में और अधिक फीचर्स जुड़ने की उम्मीद है, जो आधार को वैश्विक स्तर पर मजबूत डिजिटल आईडी बनाएंगे।