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पर्यटकों के बीच विवाद के वीडियो वायरल, टिकट व्यवस्था को लेकर उठे गंभीर सवाल

पन्ना। जिले के प्रसिद्ध प्राकृतिक पर्यटन स्थल बृहस्पति कुंड में पर्यटकों की सुरक्षा और ग्लास ब्रिज की टिकट व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पिछले करीब 15 दिनों में पर्यटकों के बीच कथित मारपीट के दो वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर चर्चा तेज हो गई है।

बताया जा रहा है कि बिना टिकट प्रवेश और पहले आगे जाने की कोशिश को लेकर पर्यटकों के बीच विवाद हुआ। देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई और मौके पर मौजूद महिलाओं एवं बच्चों में भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पर्यटन स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा बल की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

शाम 6 बजे के बाद भी टिकट देने का आरोप

ग्लास ब्रिज के संचालन और टिकट वितरण को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि निर्धारित समय शाम 6 बजे के बाद भी पर्यटकों को प्रवेश दिया जा रहा है। इतना ही नहीं, टिकट काउंटर बंद होने के बाद भी गेट के भीतर से निजी लोगों द्वारा टिकट वितरित किए जाने की बात कही जा रही है।

इस व्यवस्था में किसी शासकीय कर्मचारी की मौजूदगी नहीं होने के आरोप भी लगाए गए हैं। इससे टिकट बिक्री की पारदर्शिता और राजस्व व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

निरस्त टेंडर के बाद संचालन पर सवाल

बृहस्पति कुंड की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी तहसीलदार अखिलेश प्रजापति के पास होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, मौके पर नियमित निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

मामले में यह भी दावा किया जा रहा है कि ग्लास ब्रिज के संचालन से संबंधित निविदा 10 अगस्त को निरस्त की जा चुकी थी। यदि यह दावा सही है, तो उसके बाद भी निजी एजेंसी या लोगों द्वारा टिकट बिक्री और प्रवेश व्यवस्था किस आदेश के तहत संचालित की जा रही है, यह जांच का विषय है।

निजी एजेंसी की भूमिका पर भी उठे सवाल

आरोप है कि पड़ोसी जिले सतना की एक आउटसोर्स कंपनी को व्यवस्था से जुड़ा काम सौंपा गया है। इस प्रक्रिया को लेकर भी पारदर्शिता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

मीडिया द्वारा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उमराव सिंह मरावी से इस संबंध में सवाल किए गए। हालांकि, आरोपों पर उनका पक्ष कैमरे के सामने स्पष्ट रूप से सामने नहीं आ सका।

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत

बृहस्पति कुंड जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में प्रवेश व्यवस्था, टिकट वितरण, भीड़ नियंत्रण और पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती बेहद महत्वपूर्ण है।

लगातार सामने आ रहे विवादों और व्यवस्थाओं को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। साथ ही पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ग्लास ब्रिज के संचालन व टिकट व्यवस्था में स्पष्टता लाने की जरूरत बताई जा रही है।

यदि प्रशासनिक स्तर पर समय रहते स्थिति की जांच कर आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो अव्यवस्था के चलते भविष्य में किसी गंभीर घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

बाइट: उमराव सिंह मरावी, सीईओ, जिला पंचायत पन्ना