सुपौल। शहर के आरएसएम स्कूल में एक छात्र के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद मंगलवार को विवाद की स्थिति बन गई। अपने बच्चे के साथ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार के विरोध में अभिभावक आशुतोष कुमार स्कूल परिसर में धरने पर बैठ गए। उन्होंने स्कूल के प्राचार्य और कोऑर्डिनेटर पर बच्चे के साथ कथित रूप से गलत भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
धरने पर बैठे आशुतोष कुमार का कहना है कि उनके बच्चे के साथ स्कूल के जिम्मेदार पदाधिकारियों ने कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। उनका आरोप है कि घटना के बाद बच्चा और परिवार मानसिक रूप से परेशान है। अभिभावक ने कहा कि स्कूल बच्चों के शिक्षा और संस्कार का केंद्र होता है, इसलिए इस तरह की शिकायत सामने आने पर मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
स्कूल सचिव ने की बातचीत
धरने की जानकारी मिलने पर स्कूल सचिव संजीव नयन गुप्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने अभिभावक से बातचीत कर उनकी शिकायत सुनी और मामले को कार्यालय में बैठकर विस्तार से समझाने का आग्रह किया। सचिव ने आश्वासन दिया कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी।
स्कूल प्रबंधन की ओर से कहा गया कि किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराने से पहले पूरे मामले के तथ्यों की जांच आवश्यक है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निष्पक्ष जांच की मांग
अभिभावक आशुतोष कुमार ने कहा कि उन्हें स्कूल प्रबंधन के जांच संबंधी आश्वासन पर भरोसा है, लेकिन जांच पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि यदि जांच में किसी की गलती सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य बच्चे को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।
अभिभावक के अनुसार उन्होंने मामले को लेकर जिला प्रशासन से भी शिकायत की है। उन्होंने जिलाधिकारी को आवेदन देकर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और उचित कार्रवाई की मांग की है।
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
स्कूल को लेकर पहले से कथित अनियमितताओं की चर्चाओं के बीच इस घटना ने मामला और गरमा दिया है। हालांकि, छात्र के साथ कथित दुर्व्यवहार से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। अब स्कूल प्रबंधन की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
धरने के दौरान स्कूल परिसर में कुछ समय तक तनावपूर्ण माहौल रहा। मामले की जानकारी मिलने के बाद स्कूल से जुड़े लोगों और अन्य अभिभावकों के बीच भी चर्चा होती रही। स्कूल सचिव की ओर से बातचीत और जांच के आश्वासन के बाद स्थिति को शांत करने का प्रयास किया गया।
बच्चों के सम्मान और सुरक्षा पर जोर
आशुतोष कुमार ने कहा कि स्कूल में बच्चों को सुरक्षित, सम्मानजनक और सकारात्मक वातावरण मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि शिकायत की जांच जल्द पूरी की जाए और जांच में यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
फिलहाल स्कूल प्रबंधन ने मामले की जांच कराने और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर निर्णय लेने की बात कही है। अब सभी की नजर जांच की प्रक्रिया और उसके निष्कर्ष पर है।
