रिपोर्टर: अजीत कुमार ठाकुर
Supaul : जिले में बच्चों के संरक्षण और सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ का तीसरा दिन भी बेहद महत्वपूर्ण रहा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के निर्देश पर और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न विद्यालयों के साथ-साथ वीरपुर और निर्मली अनुमंडल क्षेत्रों में भी जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा उपायों से अवगत कराना है।
बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक
Supaul अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को बाल अधिकारों के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि प्रत्येक बच्चे को एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। बच्चों को यह भी समझाया गया कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की असुरक्षा या अनुचित व्यवहार का सामना करना पड़े, तो वे डरे बिना तुरंत अपने शिक्षकों, अभिभावकों या जिम्मेदार अधिकारियों को अपनी समस्या बताएं।
निर्भीक होकर अपनी बात रखने और प्रश्न पूछने का प्रोत्साहन
Supaul इस जागरूकता कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य बच्चों के मन से डर को दूर कर उनमें आत्मविश्वास जगाना है। अक्सर बच्चे झिझक के कारण अपनी परेशानियां किसी से साझा नहीं कर पाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि वे बिना किसी संकोच के अपनी बात कहें और खुलकर सवाल पूछें। डीएलएसए सुपौल के सचिव श्री अमित गौरव ने भी बच्चों की समस्याओं को ध्यान से सुनने और उन्हें सही मार्गदर्शन देने की आवश्यकता पर बल दिया।
एनजीओ के सहयोग से विद्यालयों तक पहुंच रहा संदेश
Supaul इस महत्वपूर्ण अभियान को प्रभावी रूप से सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन और विधिक सेवा प्राधिकार को एनजीओ ‘SSEVS’ का सक्रिय सहयोग मिल रहा है। इस सहभागिता के माध्यम से जिले के दूर-दराज के स्कूलों तक बाल सुरक्षा और अधिकारों का संदेश पहुंचाया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के निरंतर प्रयासों से बच्चों में जागरूकता बढ़ेगी और वे अपने अधिकारों के प्रति अधिक सजग व सुरक्षित महसूस कर सकेंगे।

