Senior IAS Shikhar AgarwalSenior IAS Shikhar Agarwal
Spread the love

Senior IAS Shikhar Agarwal:राजस्थान प्रशासनिक गलियारों से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर संपत्ति खरीदने के विवादों में घिरे वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी शिखर अग्रवाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें ‘अवेइटिंग पोस्टिंग ऑर्डर्स’ (APO) यानी पोस्टिंग आदेश की प्रतीक्षा सूची में डाल दिया है। वे अब तक उद्योग विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) के महत्वपूर्ण पद पर तैनात थे।

क्या है पूरा मामला और क्यों घिरे IAS शिखर अग्रवाल?

Senior IAS Shikhar Agarwal:मीडिया रिपोर्ट्स और खोजी खुलासों के अनुसार, 1993 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल और उनके परिवार पर हाल ही में कई बड़े सवाल उठे थे। जांच में यह सामने आया था कि अग्रवाल ने अपनी पत्नी (जो वरिष्ठ IPS अधिकारी हैं), अपने दो बेटों और अन्य पारिवारिक सदस्यों के साथ मिलकर महज ढाई साल के भीतर एक ही रियल एस्टेट कंपनी से लगभग 40 विला और कॉटेज खरीदे हैं।

चूंकि शिखर अग्रवाल मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव जैसे संवेदनशील पदों पर भी रह चुके हैं, इसलिए इस बड़े पैमाने पर हुई प्रॉपर्टी खरीद के खुलासे के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भूचाल आ गया। बढ़ते विवाद और सार्वजनिक स्तर पर उठ रहे सवालों के बाद राज्य सरकार ने तुरंत एक्शन लिया है।

कार्मिक विभाग ने जारी किया आदेश

Senior IAS Shikhar Agarwal:राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग (DoP) द्वारा बुधवार देर रात इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए गए। संयुक्त सचिव धीरज कुमार सिंह द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया है कि प्रशासनिक कारणों के चलते शिखर अग्रवाल को आगामी आदेशों तक APO किया गया है।

इस कार्रवाई के बाद शिखर अग्रवाल से उद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC), निवेश, ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन (BIP) और RIICO तथा RAJSICO के चेयरमैन जैसे तमाम बड़े और अहम प्रभार छीन लिए गए हैं। फिलहाल प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई की खासी चर्चा हो रही है।

read this:-Girls School : इंदौर के बेटमा में शासकीय कन्या शाला की जमीन पर कब्जे की कोशिश