by-Ravindra Sikarwar
पेरिस: विश्व प्रसिद्ध लुव्र संग्रहालय में 19 अक्टूबर 2025 को एक अत्यंत कुशल और साहसिक डकैती को अंजाम दिया गया। निर्माण श्रमिकों के वेश में छिपे चार डाकुओं ने अपोलो गैलरी से फ्रांसीसी ताज के आठ कीमती आभूषण चुरा लिए, जिनकी अनुमानित कीमत 88 मिलियन यूरो (लगभग 80 मिलियन डॉलर) बताई जा रही है। यह घटना संग्रहालय के खुलने के ठीक 30 मिनट बाद हुई, जब पर्यटक अंदर मौजूद थे, और पूरी कार्रवाई मात्र सात मिनट में पूरी हो गई।
पुलिस जांच के अनुसार, डाकू एक वाहन पर लगे लिफ्ट का उपयोग कर संग्रहालय की पहली मंजिल के खिड़की तक पहुंचे। उन्होंने एंगल ग्राइंडर और अन्य विद्युतीय उपकरणों से कांच की सलाखों को काटा और गैलरी में घुसपैठ की। अंदर पहुंचते ही उन्होंने दो सुरक्षित डिस्प्ले केस तोड़े और आभूषणों को लूट लिया। चोरी के दौरान कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन डाकुओं ने गार्डों को धमकाया और संग्रहालय को तत्काल खाली करवा दिया। भागते समय उन्होंने स्कूटरों का सहारा लिया और सीन नदी के किनारे से पेरिफेरिक बुलेवार्ड होते हुए दक्षिण की ओर फरार हो गए।
चोरी की गई वस्तुओं में नेपोलियन द्वारा अपनी दूसरी पत्नी को भेंट किए गए एकलौते एमराल्ड हार, नेपोलियन III की पत्नी सम्राज्ञी यूजनी का हीरा-मोती जड़ा मुकुट सेट, होर्टेंस डी बोआर्नेज (हॉलैंड की रानी), मैरी-एमेली (फ्रांस की रानी) और इसाबेल डी ओरलियांस (गाइज की डचेस) द्वारा पहने गए डायमंड-सफायर आभूषण शामिल हैं। डाकुओं ने सम्राज्ञी यूजनी का मुकुट भी लूटने की कोशिश की, लेकिन भागते समय इसे गिरा दिया, जो क्षतिग्रस्त अवस्था में संग्रहालय के बाहर मिला। यह मुकुट 1,354 डायमंड्स और 56 एमराल्ड्स से सजा है, और इसकी मरम्मत संभव बताई जा रही है। कुल नौ वस्तुओं में से आठ ही चोर सफलतापूर्वक ले जा सके।
लुव्र की निदेशक लॉरेंस डेस कार्स ने फ्रांसीसी सीनेटरों को बताया कि संग्रहालय की परिधि में सीसीटीवी कैमरे पुराने और अपर्याप्त थे, जिसके कारण चोरों को जल्दी पकड़ने में चूक हुई। उन्होंने संस्कृति मंत्रालय को अपना इस्तीफा सौंपा था, लेकिन इसे अस्वीकार कर दिया गया। संस्कृति मंत्री राशिदा दाती ने कहा कि वीडियो फुटेज से साफ है कि चोर शांतचित्त होकर अंदर दाखिल हुए और उनकी योजना पूर्व-नियोजित लगती है। आंतरिक मंत्री लॉरेंट न्यूनेज ने इन आभूषणों को “अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर” करार दिया।
घटना के तुरंत बाद संग्रहालय को खाली कर बंद कर दिया गया और फोरेंसिक जांच शुरू हुई। 22 अक्टूबर को यह दोबारा खुला, लेकिन अपोलो गैलरी अभी भी सील है। घटनास्थल से पावर टूल्स, ब्लोटॉर्च, पेट्रोल, दस्ताने, वॉकी-टॉकी, कंबल और क्षतिग्रस्त मुकुट बरामद हुए। डाकू भागते समय वाहन को आग लगाने की कोशिश कर चुके थे, लेकिन एक स्टाफ सदस्य ने इसे रोक लिया। इंटरपोल ने चोरी की वस्तुओं को अपनी डेटाबेस में शामिल कर लिया है।
यह चोरी राजनीतिक विवादों का केंद्र बन गई है। चरम दक्षिणपंथी नेता जॉर्डन बार्डेला ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर निशाना साधा, इसे “फ्रांस के लिए अपमानजनक” बताते हुए सुरक्षा में चूक का आरोप लगाया। विशेषज्ञों का अनुमान है कि चोर आभूषणों को तोड़कर, पिघला कर या पुन: काटकर काला बाजार में बेच सकते हैं, जिससे उनकी ट्रेसिंग मुश्किल हो जाएगी। आर्ट रिकवरी इंटरनेशनल के सीईओ क्रिस मारिनेलो ने चेतावनी दी कि “चोर इन्हें साबुत नहीं रखेंगे, बल्कि छोटे-छोटे टुकड़ों में बेचेंगे।”
लुव्र, जो 2024 में 87 लाख पर्यटकों को आकर्षित कर चुका, अब सुरक्षा पर सवालों के घेरे में है। कर्मचारी यूनियनों ने पहले ही भीड़भाड़ और कम स्टाफ की शिकायत की थी। यह घटना संग्रहालयों में दिनदहाड़े चोरियों की दुर्लभता को रेखांकित करती है, लेकिन फ्रांस के सांस्कृतिक इतिहास के लिए एक बड़ा झटका है। जांच जारी है, और पुलिस एक विशेष इकाई के माध्यम से चोरों की तलाश में जुटी हुई है।
