by-Ravindra Sikarwar
नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा एक बार फिर सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का शिकार हो गईं। उन्होंने एक विदेशी व्लॉगर के नस्लवादी वीडियो पर ‘मैं सहमत हूं’ लिखकर समर्थन जताया, जिसमें भारतीयों को ‘मूर्ख’ और दीवाली समारोहों को ‘अनुपयुक्त कचरा’ बताया गया था। यह पोस्ट कनाडाई यूजर ‘नेट’ द्वारा शेयर किया गया था, जो विदेशों में दीवाली मनाने वाले भारतीयों पर तंज कसता था। सोशल मीडिया पर भारी आलोचना के बाद मोइत्रा ने इसे गलती बताते हुए स्पष्टीकरण दिया।
घटना गुरुवार (23 अक्टूबर 2025) को शुरू हुई, जब मोइत्रा ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर उस वीडियो के नीचे ‘I agree’ कमेंट किया। वीडियो में व्लॉगर ने विदेशी सड़कों पर दीवाली के दौरान बिखरे कचरे का हवाला देते हुए भारतीयों को ‘ब्रेनडेड फ***िंग इंडियंस’ कहा और दीवाली को ‘रिटार्डेड गार्बेज’ करार दिया। उन्होंने दावा किया कि भारतीयों ने पश्चिमी देशों को ‘गंदगी का अड्डा’ बना दिया है। इस कमेंट ने तुरंत हंगामा मचा दिया, और पत्रकार राहुल शिवशंकर ने इसका स्क्रीनशॉट शेयर कर मोइत्रा को आड़े हाथों लिया।
सोशल मीडिया यूजर्स ने मोइत्रा पर तीखे हमले किए। एक यूजर ने लिखा, “महुआ मोइत्रा ने न सिर्फ नस्लवादी से सहमति जताई, बल्कि हर उस भारतीय का अपमान किया जो दीवाली मना रहा है। बंगाल की अराजकता पर चुप्पी साधने वाली सांसद अचानक भारत का मजाक उड़ाने को तैयार हो जाती हैं।” दूसरे ने कहा, “यह भारतीयों से नफरत करने वाली सांसद है।” ट्रोल्स ने उनके पुराने विवादास्पद बयानों को भी घसीटा, जैसे काली मां को ‘मांस और शराब की देवी’ बताने वाला बयान।
आलोचना बढ़ने पर मोइत्रा ने शुक्रवार को एक्स पर सफाई दी। उन्होंने लिखा, “मेरा ट्विटर फीड कई वीडियोज से भरा था, और मैंने नेट के उस नस्लवादी वीडियो के नीचे नहीं, बल्कि उसके ठीक नीचे वाले वीडियो पर ‘I agree’ लिखना चाहा था। यात्रा के दौरान गलती हो गई, अब तक चेक नहीं कर पाई। राहुल शिवशंकर ने इशारा किया, इसके लिए शुक्रिया, लेकिन यह सच्ची भूल थी। सॉरी ट्रोल्स।” उन्होंने जोर देकर कहा कि यह अनजाने में हुई गलती थी।
भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई ने मोइत्रा पर जमकर निशाना साधा। पार्टी ने बयान जारी कर कहा, “यह वही महुआ मोइत्रा हैं जो बांग्लादेश को भारत से बेहतर मानती हैं और लग्जरी बैग के बदले राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करती हैं।” बयान में उनके कश्मीर को ‘आजाद कश्मीर’ कहने और बंगाल में पटाखों पर रोक के दौरान महिलाओं-बच्चों पर अत्याचार के आरोपों का भी जिक्र किया गया। भाजपा ने मांग की कि मोइत्रा देश की संस्कृति का बार-बार अपमान करने के लिए माफी मांगें।
यह विवाद मोइत्रा के लिए ताजा मुसीबत है, जो पहले भी विवादित बयानों के कारण चर्चा में रहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर जल्दबाजी से ऐसे गलतियां महंगी पड़ सकती हैं। घटना ने सांसदों की सोशल मीडिया जिम्मेदारी पर बहस छेड़ दी है।
