रिपोर्टर: मनीष शाह
Babita Dhakad Terror Link Case : राजस्थान एटीएस (ATS) ने जयपुर से जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी नेटवर्क से जुड़ी बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा को गिरफ्तार किया है। मूल रूप से सवाई माधोपुर की रहने वाली बबीता सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथियों के संपर्क में आई थी। जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं कि कैसे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स भारत में एक खतरनाक स्लीपर सेल तैयार कर रहे थे।
Babita Dhakad Terror Link Case तलाक के बाद पाकिस्तानी हैंडलर के जाल में फंसी बबीता
जांच के अनुसार, तलाक होने के बाद बबीता सोशल मीडिया पर ‘अबू उबैदा’ नाम के एक शख्स के संपर्क में आई। अबू ने महीनों तक बात करके बबीता का ब्रेनवॉश किया और उसे पूरी तरह अपने चंगुल में ले लिया। अप्रैल 2026 में पाकिस्तान के एक मौलवी ने ऑनलाइन माध्यम से बबीता को कलमा पढ़वाकर उसका धर्म परिवर्तन कराया, जिसके बाद उसे ‘खदीजा’ नाम दिया गया। धीरे-धीरे अबू ने उसे जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों और हथियारों की तस्वीरें भेजकर मुख्य नेटवर्क से जोड़ दिया।
Babita Dhakad Terror Link Case पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहा था सोशल मीडिया, मसूद अजहर के रिश्तेदार से कनेक्शन
एटीएस की पड़ताल में सामने आया है कि बबीता के मोबाइल का व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट पाकिस्तान के बहावलपुर (जैश मुख्यालय) से ऑपरेट किए जा रहे थे। उसने अपने सिम कार्ड का पासवर्ड भी पाकिस्तानी हैंडलर को दे रखा था। बबीता से चैट करने वाले एक ऑपरेटर ने खुद को खूंखार आतंकी मसूद अजहर का रिश्तेदार बताया था, जो उसे रोज ऑनलाइन कलमा पढ़ाता था और भारत में स्लीपर सेल बनने की ट्रेनिंग दे रहा था।
Babita Dhakad Terror Link Case सेना के जवानों को टारगेट करने और आत्मघाती हमले की थी साजिश
बबीता धाकड़ को लेकर जांच एजेंसियों ने बेहद गंभीर खुलासे किए हैं:
- सैनिकों को निशाना बनाना: बबीता को भारतीय फौज के जवानों को हनीट्रैप या अन्य तरीकों से टारगेट करने की ट्रेनिंग दी गई थी, जिसके लिए उसने कुछ जवानों से संपर्क भी साधा था।
- महिला विंग की जिम्मेदारी: उसे जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग ‘जमात-उल-मुमिनात’ की तरफ से भारत में अन्य युवतियों को जोड़ने और उनका ब्रेनवॉश करने का काम सौंपा गया था।
- आत्मघाती हमला और पाकिस्तान भागने का प्लान: जैश कमांडर उसे आत्मघाती (Fedayeen) हमले के लिए तैयार कर रहे थे। उसे नेपाल, सऊदी अरब या यूएई के रास्ते पाकिस्तान बुलाने की योजना थी, जिसके खर्च के लिए क्रिप्टोकरेंसी के जरिए फंडिंग की तैयारी की जा रही थी।

