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रिपोर्टर: अविनाश श्रीवास्‍तव

Sasaram : बिहार के सासाराम से आधुनिक जीवनशैली और एकांतवास के दर्द को बयां करती एक बेहद झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। इंद्रपुरी थाना क्षेत्र के बस्तीपुर इलाके में एक बंद पड़े आलीशान मकान से उसके गृहस्वामी का कई दिन पुराना शव बरामद हुआ है। मृतक की पहचान 42 वर्षीय आशीष रंजन के रूप में हुई है, जो शहर के एक नामचीन डॉक्टर के बेटे थे।

Sasaram बदबू फैली तो खुला बंद कमरे का राज

स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले तीन-चार दिनों से आशीष के कमरे का दरवाजा नहीं खुला था। जब मकान से तेज दुर्गंध आने लगी, तो आस-पास के पड़ोसियों को किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ और उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब कमरे का दरवाजा तोड़ा, तो अंदर आशीष रंजन का शव अत्यंत क्षत-विक्षत हालत में मिला। पुलिस का अनुमान है कि उनकी मौत तीन से चार दिन पहले ही हो चुकी थी।

Sasaram पारिवारिक बिखराव और वर्क फ्रॉम होम की जिंदगी

मृतक आशीष रंजन एक बड़ी प्रतिष्ठित कंपनी में ऑनलाइन (वर्क फ्रॉम होम) काम करते थे।

  • अकेलापन: पत्नी से तलाक हो जाने के बाद उनका पारिवारिक जीवन पूरी तरह बिखर चुका था। वे इस विशाल मकान में अकेले ही जीवन बसर कर रहे थे।
  • बाहरी दुनिया से कटे थे: उनका सामाजिक संपर्क न के बराबर था। वे रोजमर्रा के खाने-पीने के लिए भी ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप्स पर निर्भर थे और घर बैठे ही भोजन मंगवाते थे। पड़ोसियों ने बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से कोई भी डिलीवरी बॉय उनके घर नहीं आया था।

Sasaram मानवीय संवेदनाओं को झकझोरती घटना

रिश्तेदारों की तलाश: पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सासाराम के सदर अस्पताल भेज दिया है। चूंकि आशीष घर में अकेले रहते थे, इसलिए पुलिस अब उनके अन्य रिश्तेदारों और परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश कर रही है ताकि कानूनी प्रक्रिया के बाद शव उन्हें सौंपा जा सके।

इस घटना ने समाज और मानवीय संवेदनाओं पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। इलाके में इस बात की पुरजोर चर्चा है कि धन-दौलत, ऊंचे पद और बड़े मकान के बावजूद, एक पढ़ा-लिखा व्यक्ति समाज से कटकर इस कदर एकांत में दुनिया से विदा हो गया कि किसी को कानों-कान खबर तक नहीं हुई।

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