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Report by: Ravindra Singh

Sakti : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में एक भीषण औद्योगिक दुर्घटना ने कोहराम मचा दिया है। प्लांट के बॉयलर में हुए जोरदार विस्फोट के कारण अब तक 14 मजदूरों के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। सक्ती पुलिस अधीक्षक प्रफुल ठाकुर के अनुसार, राहत और बचाव कार्य जारी है और मलबे की स्थिति को देखते हुए हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

Sakti परिजनों का भारी आक्रोश और विधायक की मध्यस्थता

हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने देर रात तक प्लांट के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव मौके पर पहुंचे और प्रशासन व प्रबंधन से तीखे सवाल किए। उन्होंने पीड़ितों के परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता और न्याय दिलाने की मांग को लेकर मोर्चा संभाला, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।

Sakti मुआवजे का ऐलान: 35 लाख रुपये और सरकारी नौकरी

प्रशासन, विधायक और प्लांट प्रबंधन के बीच घंटों चली लंबी चर्चा के बाद देर रात मुआवजे के पैकेज पर सहमति बनी। समझौते के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • मृतक परिवार: प्रत्येक मृतक के आश्रितों को 35 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता राशि, परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी और आजीवन पेंशन दी जाएगी।
  • घायल श्रमिक: गंभीर रूप से घायलों को 15 लाख रुपये की सहायता, निःशुल्क चिकित्सा सुविधा और पूर्णतः स्वस्थ होने तक पेंशन प्रदान की जाएगी।

Sakti न्यायिक जांच के आदेश और रेस्क्यू ऑपरेशन

सक्ती कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से बताया कि घटना के तुरंत बाद आपातकालीन रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया था। सभी घायलों को बेहतर उपचार के लिए तत्काल रायगढ़ स्थित जिंदल हॉस्पिटल भेजा गया है। राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच दल इस बात का पता लगाएगा कि क्या यह हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या फिर सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही बरती गई थी।

Sakti सुरक्षा मानकों पर उठते गंभीर सवाल

वेदांता जैसे बड़े औद्योगिक समूह के प्लांट में इतना बड़ा हादसा सुरक्षा ऑडिट पर बड़े सवाल खड़े करता है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्लांट के भीतर सुरक्षा उपकरणों के रख-रखाव में कोताही बरती जा रही थी। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान पीड़ितों को सहायता पहुँचाने और स्थिति को सामान्य बनाने पर है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों और प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की दिशा तय की जाएगी।

हादसे का संक्षिप्त विवरण:

विवरणजानकारी
घटनाबॉयलर विस्फोट (वेदांता पावर प्लांट)
पुष्ट मौतें14 श्रमिक
मुख्य मुआवजा₹35 लाख + नौकरी + पेंशन
जांच का प्रकारन्यायिक जांच (आदेशित)

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