रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Raipur : छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित प्रयास विद्यालय सड्डू से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां 9वीं कक्षा के एक मेधावी छात्र पर तंत्र-विद्या का आरोप लगाकर उसे स्कूल से निष्कासित कर दिया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने अनपढ़ होने का फायदा उठाकर उनसे धोखे से कागजात पर दस्तखत करवाए और छात्र को ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) थमा दिया। इस मामले में बाल संरक्षण आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है।
तंत्र-मंत्र का आरोप लगाकर छात्र को दिया टीसी
Raipur महासमुंद जिले के रहने वाले संजय कुमार भारती के पुत्र आयुष भारती ने प्रतियोगी परीक्षा पास कर प्रयास विद्यालय में प्रवेश हासिल किया था। परिजनों के अनुसार, कुछ ही दिनों बाद प्राचार्य और अधीक्षक ने बच्चे पर तांत्रिक क्रियाएं करने का बेबुनियाद आरोप लगा दिया। बिना किसी उचित प्रक्रिया और परिजनों को स्पष्ट कारण बताए, छात्र का ट्रांसफर सर्टिफिकेट काटकर उसे संस्था से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
कम पढ़े-लिखे पिता से जबरन कराए गए हस्ताक्षर
Raipur छात्र के बेबस पिता ने बाल संरक्षण आयोग को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन ने खुद को बचाने के लिए दबाव बनाकर उनसे एक आवेदन पर हस्ताक्षर करवा लिए, जिसकी सामग्री से वे पूरी तरह अनभिज्ञ थे। एक गरीब परिवार जो अपने बच्चे के उज्ज्वल भविष्य का सपना देख रहा था, आज इस अन्याय के खिलाफ निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
बाल संरक्षण आयोग का सख्त रुख और टीसी निरस्त करने के निर्देश
Raipur मामले की गंभीरता को देखते हुए बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने त्वरित कार्रवाई की है। आयोग ने निर्देश दिया है कि छात्र की टीसी को तत्काल निरस्त कर उसकी पढ़ाई दोबारा शुरू कराई जाए। इसके साथ ही आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त को तथ्यात्मक जांच रिपोर्ट सौंपने और स्कूल के प्राचार्य व अधीक्षक को आयोग के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है।
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