रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Raipur : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस ने एक बड़ा और उग्र विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस का आरोप है कि निर्वाचन आयोग भारतीय जनता पार्टी के दबाव में काम कर रहा है और मतदाता सूची में गड़बड़ी तथा एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के जरिए लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत और पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में राज्य भर से आए हजारों कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी चौक पर जमा होकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
तीन पुतले फूंके, काले गुब्बारे उड़ाकर बैरिकेड्स तोड़े
Raipur विरोध प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतलों का दहन किया। प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत, दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने हवा में काले गुब्बारे छोड़कर अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च करते हुए नगर घड़ी चौक का रुख किया, जहां पुलिस द्वारा लगाए गए सुरक्षा बैरिकेड्स को तोड़ दिया और बैरियर्स पर चढ़कर नारेबाजी की।
प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत का तीखा हमला और जांच की मांग
Raipur जनसभा को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें सत्ताधारी दल का सहयोगी बताया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे अधिकारी देश की निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया को नुकसान पहुंचा रहे हैं। भगत ने केरल के एक पूर्व मुख्य सचिव द्वारा ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए पुराने आरोपों का हवाला देते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
पीसीसी अध्यक्ष का बयान और दिग्गजों की उपस्थिति
Raipur प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि यह लड़ाई देश में लोकतंत्र और जनमत को बचाने की है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर और परिसीमन जैसी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल कर विपक्षी जनादेश को प्रभावित किया जा रहा है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट को इस पर स्वतः संज्ञान लेकर सख्त कदम उठाना चाहिए। इस उग्र प्रदर्शन में पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव, डॉ. चरण दास महंत, सांसद फूलोदेवी नेताम, पूर्व मंत्री मोहन मरकाम, सत्यनारायण शर्मा, उमेश पटेल सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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