रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Punjab Congress Internal Rift 2026 : पंजाब कांग्रेस में हालिया संगठनात्मक फेरबदल के बाद अंदरूनी खींचतान और असंतोष अब खुलकर सामने आ गया है। प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के नेतृत्व को लेकर पार्टी के भीतर ही सवाल खड़े होने लगे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के मोरिंडा स्थित आवास पर लगातार हो रही दिग्गज नेताओं की बैठकों ने सूबे की सियासत में गर्माहट ला दी है। जानकारों के मुताबिक, यह असंतोष साल 2027 के विधानसभा चुनावों में सत्ता के चेहरे को लेकर शुरू हुई एक बड़ी जंग का संकेत है।
Punjab Congress Internal Rift 2026 चन्नी कैंप की राजा वडिंग को सीधी चुनौती
चरणजीत सिंह चन्नी को कांग्रेस कैंपेन कमेटी का चेयरमैन बनाए जाने के बाद उनके आवास पर समर्थकों और वरिष्ठ नेताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। बैठक में शामिल हुए कांग्रेस नेता तरसेम सिंह डीसी ने सीधे राजा वडिंग पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस पंजाब में दोबारा सरकार नहीं बना सकती क्योंकि जनता बदलाव चाहती थी। चन्नी समर्थकों का दावा है कि पंजाब के लोग चरणजीत सिंह चन्नी को ही अगले मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। इस रणनीति के तहत चन्नी गुट अब वडिंग की स्वीकार्यता पर सवाल उठाकर चन्नी को मुख्य विकल्प के रूप में पेश कर रहा है।
Punjab Congress Internal Rift 2026 सांसद मनीष तिवारी की सोशल मीडिया पर नाराजगी
इस पूरे घटनाक्रम के बीच चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी की नाराजगी ने पार्टी के भीतर जारी कलह को और हवा दे दी है। चुनावी समितियों से खुद को बाहर रखे जाने पर असंतोष जताते हुए तिवारी ने सोशल मीडिया पर तीखा तंज कसा। उन्होंने लिखा कि काश, व्यक्तियों और संस्थाओं की असुरक्षा का भी कोई इलाज होता। 45 वर्षों तक पार्टी की सेवा करने वाले एक वरिष्ठ नेता का यह बयान सीधे तौर पर हाईकमान के फैसलों और पंजाब के वर्तमान संगठनात्मक ढांचे पर बड़ा हमला माना जा रहा है।
Punjab Congress Internal Rift 2026 सुखजिंदर रंधावा की दिल्ली हलचल और शाह से मुलाकात की अटकलें
कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा की दिल्ली में बढ़ती सरगर्मियां बनी हुई हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि रंधावा ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास का रुख किया। हालांकि इस मुलाकात को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पंजाब कांग्रेस के मौजूदा हालात को देखते हुए इसे पार्टी के भीतर एक बहुत बड़े असंतोष और भावी राजनीतिक उलटफेर के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
गुटबाजी के चक्रव्यूह में पंजाब कांग्रेस वर्तमान में पंजाब कांग्रेस कई शक्ति केंद्रों में बिखरी नजर आ रही है। एक तरफ जहां राजा वडिंग संगठन को अपने नियंत्रण में रखने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं चन्नी दलित समीकरणों के सहारे अपना जनाधार मजबूत कर रहे हैं। दूसरी तरफ, मनीष तिवारी और सुखजिंदर रंधावा जैसे कद्दावर नेता अपना अलग दबाव समूह बना रहे हैं। यदि हाईकमान ने समय रहते इस डैमेज को कंट्रोल नहीं किया, तो यह अंतर्कलह खुली बगावत का रूप ले सकती है।

