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रिपोर्टर: दीपक रस्‍ताेगी

Haldwani Forest Department Operation Monsoon : उत्तराखंड में मानसून की दस्तक से ठीक पहले वन विभाग वन्यजीवों की सुरक्षा और जंगलों को महफूज रखने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। बरसात के दिनों में वन्यजीव तस्करों और अवैध शिकारियों की घुसपैठ को नाकाम करने के लिए विभाग द्वारा विशेष रूप से ‘ऑपरेशन मानसून’ का आगाज किया गया है। तराई के जंगलों की संवेदनशीलता को देखते हुए हल्द्वानी वन प्रभाग ने अपनी चौकसी बढ़ा दी है। चूंकि इस प्रभाग की सीमाएं उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय नेपाल बॉर्डर से भी जुड़ी हैं, इसलिए सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा चक्र को बेहद मजबूत कर दिया गया है।

Haldwani Forest Department Operation Monsoon बरसात में शिकारियों की सक्रियता और भौगोलिक चुनौतियां बनीं बड़ी वजह

हल्द्वानी वन प्रभाग के डीएफओ (DFO) कुंदन कुमार ने बताया कि मानसून के आते ही जंगलों में गश्त करना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। भारी बारिश के चलते कई रास्ते बंद हो जाते हैं, भूस्खलन की घटनाएं बढ़ती हैं और नदी-नाले उफान पर आ जाते हैं। इस दौरान जंगलों में झाड़ियां भी तेजी से बढ़ती हैं, जिसका फायदा उठाकर शिकारी और तस्कर छिपने और घुसपैठ करने की फिराक में रहते हैं। इसी खतरे को भांपते हुए वनकर्मियों को विशेष ट्रेनिंग और दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

Haldwani Forest Department Operation Monsoon दुर्गम इलाकों पर नजर रखने के लिए ड्रोन और थर्मल कैमरों का सहारा

परंपरागत गश्त के साथ-साथ इस बार वन विभाग हाई-टेक तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। जंगलों के ऐसे संवेदनशील और दुर्गम हिस्से जहां भारी जलभराव या अन्य कारणों से वनकर्मियों का पैदल पहुंचना मुमकिन नहीं होता, वहां ड्रोन कैमरों और थर्मल इमेजिंग कैमरों के जरिए आसमान से चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जाएगी। यह आधुनिक तकनीक रात के अंधेरे में भी इंसानी या संदिग्ध गतिविधियों को आसानी से पकड़ सकती है।

Haldwani Forest Department Operation Monsoon यूपी और नेपाल बॉर्डर पर बढ़ी चौकसी, संदिग्धों पर होगी सीधी कार्रवाई

‘ऑपरेशन मानसून’ के तहत अंतरराज्यीय (उत्तर प्रदेश) और अंतरराष्ट्रीय (नेपाल) सीमाओं से सटे वन क्षेत्रों में विशेष चौकसी बरतने के आदेश दिए गए हैं। गश्ती दलों को न केवल ड्रोन और कैमरा ट्रैप दिए गए हैं, बल्कि जलभराव वाले इलाकों के लिए नावों की व्यवस्था भी की गई है। वन विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि जंगलों के भीतर या सीमावर्ती इलाकों में किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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