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रिपोर्टर: गनेश सिंह

Noida : दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ती तपिश, प्रदूषण और घटती हरियाली के बीच नोएडा के सेक्टर-105 से पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक भूखंड (प्लॉट) मालिक पर अपने घर के बगल में स्थित ग्रीन बेल्ट की जमीन पर पार्क विकसित करने के नाम पर लगभग 60 साल पुराने और फलदार पेड़ों को बेरहमी से कटवाने का आरोप लगा है। स्थानीय निवासियों और आरडब्ल्यूए (RWA) के कड़े विरोध के बाद नोएडा प्राधिकरण और वन विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।

Noida दशकों पुराने पेड़ों पर चली कुल्हाड़ी, जेसीबी से जमीन को किया सपाट

शिकायत के मुताबिक, सेक्टर-105 के बी-ब्लॉक में दिल्ली के एक परिवार का प्लॉट है। आरोप है कि इस परिवार ने अपने फायदे के लिए ग्रीन बेल्ट में लगे वर्षों पुराने आम, जामुन और विशालकाय बरगद जैसे करीब 60 पेड़ों को जमींदोज करवा दिया। ये पेड़ न केवल स्थानीय पर्यावरण का संतुलन बनाए रखते थे, बल्कि भीषण गर्मी में राहगीरों को छांव और पक्षियों को आशियाना भी देते थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ों को काटने के बाद उस पूरे हरित क्षेत्र को समतल करने के लिए वहां जेसीबी (JCB) मशीन भी चलवाई गई।

Noida आरडब्ल्यूए ने उठाए सवाल: ‘पार्क बनाना था तो पेड़ काटने की क्या जरूरत थी?’

सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए संबंधित विभागों से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर आरोपी को वहां पार्क ही विकसित करना था, तो इन घने पेड़ों को काटने की कोई जरूरत नहीं थी; पेड़ों के नीचे भी घास उगाई जा सकती थी। आरडब्ल्यूए ने मांग की है कि यदि पेड़ काटने के लिए वन विभाग या प्राधिकरण से कोई लिखित अनुमति ली गई थी, तो उसे सार्वजनिक किया जाए, अन्यथा प्रकृति के साथ खिलवाड़ करने वाले इस कृत्य के लिए सख्त कार्रवाई की जाए।

Noida अधिकारी बोले- रिपोर्ट आते ही दर्ज होगी एफआईआर, प्लॉट मालिक ने दी सफाई

इस पूरे मामले पर प्रशासन और आरोपी पक्ष की तरफ से कड़े बयान सामने आए हैं:

“पेड़ काटे जाने की शिकायत हमें मिली है। मामले की जमीनी हकीकत जानने के लिए रेंज ऑफिसर के नेतृत्व में एक विशेष टीम को मौके पर भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे।”

रजनीकांत मित्तल, डीएफओ (DFO)

“यह बात पूरी तरह सच है कि वहां पेड़ काटे गए हैं। संबंधित प्लॉट मालिक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इस संबंध में वन विभाग को भी सूचित कर दिया गया है। विस्तृत जांच रिपोर्ट मिलते ही आरोपी के खिलाफ थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी।”

आनंद मोहन सिंह, निदेशक (उद्यान), नोएडा प्राधिकरण

प्लॉट मालिक का पक्ष:

दूसरी ओर, आरोपों के घेरे में आई प्लॉट की ओनर गौरी धींगड़ा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा, “पेड़ काटने के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। हमने कोई पेड़ नहीं काटा है। हमारा प्लॉट खाली पड़ा था, जहां मकान का निर्माण कार्य शुरू होना है। इसलिए हमने केवल प्लॉट के आसपास जमी झाड़ियों और गंदगी की सफाई करवाई है। पेड़ हमें भी पसंद हैं, वो किसने और क्यों काटे, इसकी हमें कोई जानकारी नहीं है।”

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