Narasimha Jayanti 2026 : हर साल वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान नृसिंह जयंती मनाई जाती है। यह दिन भगवान भगवान विष्णु के चौथे अवतार को समर्पित है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, उन्होंने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए आधा सिंह और आधा मनुष्य रूप धारण कर असुर हिरण्यकशिपु का वध किया था। इस दिन पूजा करने से भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है।
Narasimha Jayanti 2026 का शुभ मुहूर्त
- चतुर्दशी तिथि आरंभ: 29 अप्रैल 2026, शाम 7:51 बजे
- चतुर्दशी तिथि समाप्त: 30 अप्रैल 2026, रात 9:12 बजे
- पूजा का शुभ समय: 30 अप्रैल 2026, शाम 4:17 बजे से 6:56 बजे तक
Narasimha Jayanti 2026 पारण (व्रत खोलने) का समय
- पारण तिथि: 1 मई 2026
- शुभ समय: सुबह 5:41 बजे
इस दिन सूर्योदय से पहले चतुर्दशी तिथि समाप्त हो जाएगी, इसलिए निर्धारित समय में ही व्रत का पारण करना उचित माना जाता है।
Narasimha Jayanti 2026 व्रत के नियम और सावधानियां
- व्रत से एक दिन पहले केवल एक बार भोजन करें
- व्रत के दिन अनाज और धान्य का सेवन न करें
- एकादशी व्रत की तरह ही नियमों का पालन करें
- पूजा के बाद ही भोजन ग्रहण करें
Narasimha Jayanti 2026 नरसिंह जयंती पूजा विधि
- सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
- हाथ में जल और अक्षत लेकर व्रत का संकल्प लें
- पूजा स्थान पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान नृसिंह और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें
- मूर्ति को पंचामृत से स्नान कराएं (यदि उपलब्ध हो)
- पीले या लाल फूल अर्पित करें और चंदन/केसर का तिलक लगाएं
- घी का दीपक जलाकर धूप-दीप करें
- भोग में तुलसी दल जरूर शामिल करें
- इस मंत्र का जाप करें:
“उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्।
नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्॥” - अंत में आरती कर पूजा पूर्ण करें
महत्वपूर्ण नोट
यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। इसे आस्था के अनुसार ही अपनाएं।
Also Read This: Sitapur महिला उत्पीड़न मामला: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एक आरोपी और नाबालिग हिरासत में

