Nagpur government hospital medicine failureNagpur government hospital medicine failure
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Nagpur government hospital medicine failure:महाराष्ट्र के नागपुर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां के दो प्रमुख सरकारी अस्पतालों—गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) और इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (IGMCH)—में सप्लाई की गई पैरासिटामोल और ब्लड प्रेशर की दवाएं खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की लैब जांच में गुणवत्ता के मानकों पर खरी नहीं उतरीं। रिपोर्ट सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और तुरंत इन दवाओं के वितरण तथा इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है।

सवा लाख से अधिक पैरासिटामोल की गोलियां वापस मंगाई गईं

Nagpur government hospital medicine failure:गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. अविनाश गावंडे ने जानकारी दी कि FDA का पत्र मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब सवा लाख पैरासिटामोल की गोलियों के स्टॉक को वापस मंगा लिया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल में अन्य विश्वसनीय कंपनियों की करीब ढाई लाख पैरासिटामोल की गोलियां पहले से उपलब्ध हैं, इसलिए मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी या दवा संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।

दवाओं के रंग को लेकर उठी आपत्ति

Nagpur government hospital medicine failure:FDA की जांच रिपोर्ट के अनुसार, पैरासिटामोल की इन गोलियों के रंग में खामी पाई गई, जिसके बाद इन्हें निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं माना गया। यह खेप पिछले साल जुलाई के महीने में अस्पताल में पहुंची थी। जैसे ही FDA की तरफ से चेतावनी पत्र मिला, अस्पताल प्रबंधन ने बिना किसी देरी के वितरण प्रक्रिया रोककर पूरा स्टॉक सील कर दिया।

कहां से हुई थी दवाओं की सप्लाई?

Nagpur government hospital medicine failure:अधिकारियों के मुताबिक, अस्पतालों में दवाओं की खरीद के लिए एक निर्धारित ड्रग परचेज डिपार्टमेंट होता है, और फार्माकोलॉजी विभाग के एचओडी इस व्यवस्था को संभालते हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि ये दवाएं पहले बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल को भेजी गई थीं, जहां इनका उपयोग धीमा होने के कारण इन्हें नागपुर के जीएमसीएच और इंदिरा गांधी अस्पताल ट्रांसफर कर दिया गया था। फिलहाल, प्रशासन इस पूरे मामले की गहनता से पड़ताल कर रहा है।

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