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रिपोर्टर: योगेन्‍द्र सिंह

Muzaffarpur : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। शहर के ब्रह्मपुरा इलाके में स्थित ‘प्रसाद हॉस्पिटल’ नामक एक निजी अस्पताल में गुरुवार को अचानक भीषण आग लग गई। आग अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर बने आईसीयू (ICU) वार्ड में भड़की, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस भयावह हादसे में वेंटिलेटर और बेड पर मौजूद 10 गंभीर मरीजों की जान चली गई, जबकि कई अन्य लोग झुलस गए हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम और अफरा-तफरी का माहौल है।

Muzaffarpur शॉर्ट सर्किट के बाद धुएं का गुबार, बेड पर ही फंसे रह गए मरीज

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। चूंकि हादसा पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू वार्ड में हुआ, जहाँ पहले से ही बेहद गंभीर मरीज भर्ती थे, इसलिए उन्हें संभलने या भागने का मौका नहीं मिला। आग लगते ही पूरे वार्ड में जहरीले धुएं का गुबार फैल गया। ऑक्सीजन सपोर्ट पर निर्भर मरीजों का दम घुटने लगा और चीख-पुकार मच गई। इस अफरा-तफरी के बीच आईसीयू के वार्ड इंचार्ज भी मरीजों को बचाते हुए गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

Muzaffarpur क्षमता से अधिक मरीज थे भर्ती, दमकल की गाड़ियों ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें आधा दर्जन से अधिक दमकल वाहनों के साथ मौके पर पहुंचीं। जिला प्रशासन के मुताबिक, अस्पताल के इस आईसीयू वार्ड में कुल 13 बेड की क्षमता थी, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर वहां 15 मरीजों को भर्ती किया गया था। रेस्क्यू टीम ने बेहद सूझबूझ और मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और खिड़कियाँ तोड़कर अंदर फंसे अन्य मरीजों को एम्बुलेंस के जरिए तुरंत नजदीकी अस्पतालों में शिफ्ट किया।

Muzaffarpur फायर सेफ्टी पर उठे सवाल, प्रशासन ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश

इस दर्दनाक हादसे के बाद अस्पताल पहुंचे पीड़ित परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल का फायर फाइटिंग सिस्टम पूरी तरह से फेल था और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कोई इंतजाम नहीं थे। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए घटना की विस्तृत और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि नियमों की अनदेखी करने वाले अस्पताल प्रबंधन पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

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