MRPL Mangaluru blast:कर्नाटक के मंगलुरु में मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) के परिसर के भीतर एक भीषण धमाका हुआ। इस घटना से आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई और कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है।
धमाके की तीव्रता और प्रभाव
MRPL Mangaluru blast:बुधवार दोपहर को हुए इस तेज धमाके का असर दूर-दूर तक महसूस किया गया। इसकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि बाज़पे स्थित मंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रशासनिक कार्यालय की खिड़कियों के शीशे हिलने लगे, जिससे वहां मौजूद कर्मचारियों में कुछ समय के लिए डर का माहौल बन गया। इसके अलावा, MRPL परिसर से सटे जोकट्टे गांव में भी इसका असर साफ दिखा, जहां ग्राम पंचायत कार्यालय और कई स्थानीय घरों के दरवाजे व खिड़कियों के कांच टूट गए। धमाके के तुरंत बाद रिफाइनरी यूनिट से आसमान में काले धुएं का घना गुबार उठने लगा, जो कई किलोमीटर दूर से साफ दिखाई दे रहा था।
CHT यूनिट में हुआ हादसा और घायलों की स्थिति
MRPL Mangaluru blast:स्थानीय पुलिस और MRPL प्रबंधन के अनुसार, यह धमाका परिसर के भीतर स्थित CHT यूनिट में हुआ। इस दुर्घटना में कुल 8 लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है। प्रबंधन के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि इस हादसे में एक कॉन्ट्रैक्ट मजदूर को करीब 35 प्रतिशत तक बर्न इंज्यूरी (झुलसने) आई है।
सुरक्षा और नियमों का सवाल
MRPL Mangaluru blast:ऐसी औद्योगिक दुर्घटनाएं अक्सर सुरक्षा मानकों और दिशा-निर्देशों की अनदेखी के कारण होती हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में भी एक टायर फैक्ट्री के फ्यूल टैंक में आग लगने से हुए जोरदार धमाके में दो मजदूरों की जान चली गई थी। ये घटनाएं इस बात की गंभीर याद दिलाती हैं कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन होना बेहद आवश्यक है ताकि कामगारों की जान को जोखिम में न डाला जाए।
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