By: Ravindra Singh
MP Weather : मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर अंडमान सागर के आसपास निम्न दबाव क्षेत्र बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में अगले चार दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।

भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हो सकती है। हालांकि 23 सितंबर तक प्रदेश में भारी बारिश को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक नए सिस्टम की ताकत और उसकी दिशा के आधार पर आने वाले दिनों में बारिश के पूर्वानुमान में बदलाव हो सकता है।
बारिश के बाद भोपाल के बांधों के गेट खुले
MP Weather शनिवार को भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में हुई बारिश के बाद जलाशयों का जलस्तर बढ़ गया। इसके चलते भदभदा डैम का एक और कलियासोत डैम के दो गेट खोले गए। प्रशासन और संबंधित विभाग जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।

उधर, ब्यावरा क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों में पानी बढ़ गया। अजनार नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा, जिससे आसपास के क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात देखने को मिले।
प्रदेश के 45 जिलों में दर्ज हुई बारिश
MP Weather मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को मध्य प्रदेश के 45 जिलों में बारिश रिकॉर्ड की गई। इनमें शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सतना, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, पांढुर्णा, भोपाल, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, रायसेन, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, उज्जैन, देवास, रतलाम, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, श्योपुर, सागर और दमोह शामिल हैं।
विदिशा और गुना में सबसे ज्यादा बारिश
MP Weather शनिवार को विदिशा जिले के लटेरी में सबसे अधिक 4.2 इंच बारिश दर्ज की गई। गुना के कुंभराज में करीब 4 इंच पानी बरसा। वहीं आगर-मालवा के नलखेड़ा में 92 मिलीमीटर यानी लगभग 3.7 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई।
इसके अलावा आगर-मालवा के बड़ौद में 2.9 इंच, गुना के राघौगढ़ में 2.8 इंच और राजगढ़ के खिलचीपुर में करीब 2.5 इंच बारिश दर्ज की गई।
अगले चार दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
MP Weather नए मौसम सिस्टम के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला देखने को मिल सकता है। फिलहाल भारी बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन सिस्टम के मजबूत होने पर मौसम विभाग पूर्वानुमान में बदलाव कर सकता है। ऐसे में नदी, नालों और बांधों के आसपास रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की सलाह पर ध्यान देने की जरूरत है।
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