By: Ravindra Singh
MP Monsoon : मध्य प्रदेश में मानसून अब धीरे-धीरे विदाई की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिनों में प्रदेश में भारी या बहुत भारी बारिश की संभावना नहीं है। कई हिस्सों में मौसम साफ रहेगा और धूप का असर बढ़ सकता है। अनुमान है कि करीब एक सप्ताह के भीतर राज्य से मानसून की वापसी का दौर शुरू हो जाएगा।
अगले चार दिन बारिश से राहत
MP Monsoon सोमवार से प्रदेश के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। मंगलवार से उज्जैन, इंदौर और ग्वालियर-चंबल संभाग के कई जिलों में तेज धूप देखने को मिल सकती है। इसके बाद प्रदेश के आधे से अधिक हिस्सों में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं।
सामान्य बारिश के आंकड़े से थोड़ा पीछे MP
MP Monsoon इस मानसून सीजन में रविवार तक मध्य प्रदेश में औसतन करीब 37.7 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य बारिश का लगभग 95.8 प्रतिशत है। प्रदेश को सामान्य बारिश के आंकड़े तक पहुंचने के लिए करीब 0.2 प्रतिशत बारिश की और जरूरत है। यदि अगले दो-तीन दिनों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होती है, तो राज्य सामान्य वर्षा के आंकड़े तक पहुंच सकता है।
पूर्वी MP में 48 घंटे तक हुई तेज बारिश
MP Monsoon हाल ही में बने गहरे अवदाब के प्रभाव से मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में करीब दो दिनों तक तेज बारिश हुई। भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में नदियों का जलस्तर बढ़ा और कुछ बांधों के गेट खोलने पड़े। हालांकि रविवार से मौसम प्रणाली कमजोर होने के बाद प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी देखी गई।
इन जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
MP Monsoon प्रदेश के कई जिलों में इस सीजन सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।
अब मानसून की विदाई की तैयारी
MP Monsoon मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकती हैं। आने वाले दिनों में बारिश के बजाय धूप का असर बढ़ने की संभावना है। मानसून की वापसी का दौर शुरू होने के साथ प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
फिलहाल राज्य सामान्य बारिश के आंकड़े से बहुत मामूली अंतर से पीछे है। हालांकि आगे होने वाली बारिश और मौसम प्रणाली की स्थिति पर ही यह निर्भर करेगा कि प्रदेश इस सीजन सामान्य वर्षा का आंकड़ा पूरा कर पाता है या नहीं।
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