Labor supply fraud:मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले में ईंट-भट्ठा संचालकों के साथ एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मजदूरों को उपलब्ध कराने के नाम पर करीब 45 ईंट-भट्ठा मालिकों से 45 लाख रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के पास से 20 लाख रुपये नकद और 5 लाख रुपये के चेक सहित कुल 25 लाख रुपये बरामद किए हैं।
इस तरह दिया गया धोखाधड़ी को अंजाम
Labor supply fraud:पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी आफताब उत्तर प्रदेश से अपने एक अन्य साथी सलीम के साथ आगर-मालवा पहुंचा था। यहां उसने स्थानीय ईंट-भट्ठा मालिकों से संपर्क किया और उन्हें सस्ते तथा भरोसेमंद मजदूर उपलब्ध कराने का झांसा दिया।
भट्ठा मालिकों का भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने शुरुआत में कुछ मजदूर काम पर भी लगा दिए। लेकिन, जैसे ही संचालकों ने एडवांस के तौर पर लाखों रुपये की रकम आरोपियों को सौंपी, उसके तीन-चार दिन बाद ही मजदूरों को वहां से हटा लिया गया। इसके बाद आरोपी ने मजदूरों की सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी और पैसे लेकर फरार हो गए।
40 से अधिक संचालकों को बनाया गया निशाना
Labor supply fraud:जब लगातार मजदूरों के न आने और आरोपियों के गायब होने से ईंट-भट्ठा मालिकों को ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने कोतवाली थाने पहुंचकर इसकी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और पुलिस की छानबीन में सामने आया कि यह धोखाधड़ी केवल एक-दो लोगों तक सीमित नहीं थी, बल्कि लगभग 40 से 45 ईंट-भट्ठा संचालकों को इस साजिश के तहत कुल 45 लाख रुपये का चूना लगाया गया था।
उत्तर प्रदेश से हुई गिरफ्तारी
Labor supply fraud:तकनीकी सर्विलांस और खुफिया इनपुट के आधार पर आगर पुलिस को मुख्य आरोपी के उत्तर प्रदेश में छिपे होने की जानकारी मिली। पुलिस टीम ने दबिश देकर अमरोहा जिले के सदर कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित दानिश मदान मोहल्ला निवासी आफताब (पिता: अच्छे खान) को धर दबोचा। हालांकि, इस मामले में उसका सहयोगी सलीम अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
Labor supply fraud:गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 20 लाख रुपये नकद और 5 लाख रुपये के दो चेक बरामद किए हैं। पुलिस अब आफताब से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क और ठगी गई शेष राशि का पता लगाया जा सके। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के बाद इस बड़े लेबर-सप्लाई घोटाले से जुड़े अन्य राज भी सामने आ सकते हैं।
इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने सभी ईंट-भट्ठा मालिकों और कारोबारियों को सतर्क रहने की सलाह दी है, ताकि भविष्य में वे किसी भी लेबर कॉन्ट्रैक्टर के झांसे में आने से पहले पूरी तरह छानबीन करें और बिना पुख्ता दस्तावेजों व लिखित समझौते के भारी-भरकम एडवांस राशि देने से बचें।

