By: Ravindra Singh
Kushagrahani Amavasya : भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अमावस्या को कुशाग्रहणी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। वर्ष 2026 में यह अमावस्या 11 सितंबर को पड़ रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन पूरे वर्ष किए जाने वाले शुभ कार्यों के लिए कुशा ग्रहण की जाती है, इसलिए इसे कुशाग्रहणी अमावस्या कहा जाता है।
अमावस्या तिथि को पितरों की शांति और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भी विशेष माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए दान-पुण्य और धार्मिक उपायों से जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। आर्थिक परेशानियों, कारोबार में रुकावट और पारिवारिक तनाव से राहत पाने के लिए भी कुछ उपाय बताए गए हैं। आइए जानते हैं कुशाग्रहणी अमावस्या के 7 विशेष उपाय।
1. पितरों का आशीर्वाद पाने का उपाय
Kushagrahani Amavasya पितरों की कृपा प्राप्त करने के लिए कुशाग्रहणी अमावस्या पर गोबर का कंडा जलाएं और उस पर पितरों को समर्पित खीर-पूड़ी का भोग लगाएं। भोग के बाद कंडे के पास अपनी दाहिनी ओर दोनों हाथों से थोड़ा जल अर्पित करें। इसके बाद प्रसाद का कुछ हिस्सा गाय को खिलाएं और शेष प्रसाद परिवार के सदस्यों में बांट दें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और कार्यों में आने वाली बाधाएं कम हो सकती हैं।
2. कारोबार की रुकावट दूर करने के लिए
Kushagrahani Amavasya यदि व्यापार में लगातार परेशानियां आ रही हैं या काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है, तो इस दिन किसी योग्य ब्राह्मण को सम्मानपूर्वक घर बुलाकर भोजन कराएं। भोजन के बाद उन्हें दक्षिणा के साथ कुश का आसन भेंट करें। मान्यता है कि ऐसा करने से व्यापार में आ रही बाधाओं को दूर करने में मदद मिल सकती है और कारोबार में सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।
3. आर्थिक परेशानियों से राहत के लिए
Kushagrahani Amavasya धन से जुड़ी समस्याओं से परेशान हैं तो कुशाग्रहणी अमावस्या पर आटे की छोटी-छोटी गोलियां बनाकर तालाब में मछलियों को खिलाएं। इसके साथ ही पितरों के नाम पर किसी मंदिर या धार्मिक स्थल पर अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करें। मान्यता है कि इस उपाय से आर्थिक स्थिति में सुधार के योग बनते हैं और पितरों की कृपा प्राप्त होती है।
4. मान-सम्मान बढ़ाने के लिए उपाय
Kushagrahani Amavasya समाज में प्रतिष्ठा और सम्मान बढ़ाने के लिए अमावस्या के दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दूध का पैकेट दान करें। इसके बाद अपने पितरों का स्मरण करते हुए उन्हें प्रणाम करें और उनका आशीर्वाद लें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय से व्यक्ति के आत्मविश्वास और सामाजिक प्रतिष्ठा में सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
5. पारिवारिक कलह दूर करने का उपाय
Kushagrahani Amavasya यदि परिवार में अक्सर विवाद या आपसी मनमुटाव रहता है, तो कुशाग्रहणी अमावस्या पर थोड़े दूध में एक चुटकी चीनी मिलाएं। इसे किसी कुएं में या घर के बाहर कच्ची मिट्टी पर अर्पित करने की मान्यता है। कहा जाता है कि इस उपाय से घर में चल रहे मतभेद कम हो सकते हैं और पारिवारिक वातावरण में शांति एवं मधुरता बढ़ सकती है।
6. घर में सुख-समृद्धि के लिए
Kushagrahani Amavasya परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनाए रखने के लिए अमावस्या के दिन अपने बाएं हाथ में कुछ अक्षत यानी चावल के दाने लें। सूर्यदेव की ओर मुख करके दाएं हाथ से बाएं हाथ पर नीचे की ओर जल प्रवाहित करें। इस दौरान मन ही मन गायत्री मंत्र का जाप करें। मान्यता है कि इस उपाय से घर में सकारात्मकता आती है और सुख-समृद्धि का वातावरण बनता है।
7. विरोधियों से बचाव के लिए
Kushagrahani Amavasya पीठ पीछे बुराई करने वाले लोगों या विरोधियों से परेशान हैं तो अमावस्या के दिन सरसों के तेल से लगी दो रोटियां लें। इन्हें अपने सिर के ऊपर से सात बार उतारकर किसी काले कुत्ते को खिला दें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय से नकारात्मक प्रभाव दूर हो सकते हैं और विरोधियों से होने वाली परेशानियां कम हो सकती हैं।
ध्यान रखें
Kushagrahani Amavasya ऊपर बताए गए उपाय धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें श्रद्धा और अपनी सामर्थ्य के अनुसार ही करें। किसी भी उपाय को निश्चित आर्थिक, करियर या अन्य परिणाम की गारंटी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
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