KhairagarhKhairagarh
Spread the love

Report by: Ravindra Singh

Khairagarh : छत्तीसगढ़ का गौरव, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ पिछले एक वर्ष में परिवर्तन की एक बड़ी लहर का गवाह बना है। कुलपति प्रो. (डॉ.) लवली शर्मा के पदभार संभालने के बाद से संस्थान ने न केवल अपनी शैक्षणिक साख को मजबूत किया है, बल्कि बुनियादी ढांचे और पर्यावरण संरक्षण में भी नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। एक साल के भीतर विश्वविद्यालय की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है, जिससे यह राष्ट्रीय पटल पर एक मॉडल संस्थान के रूप में उभर रहा है।

Khairagarh इको-फ्रेंडली कैंपस और हरित पहल पर जोर

विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर को आधुनिक बनाने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल बनाने को प्राथमिकता दी है। कैंपस को स्वच्छ और टिकाऊ बनाने के लिए प्रभावी कचरा प्रबंधन (Waste Management) प्रणाली लागू की गई है। इसके अतिरिक्त, भूजल स्तर को सुधारने के लिए वॉटर हार्वेस्टिंग और हरियाली बढ़ाने के लिए व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाए गए हैं। इन हरित प्रयासों ने परिसर को न केवल सुंदर बनाया है, बल्कि छात्रों के लिए एक स्वस्थ वातावरण भी तैयार किया है।

Khairagarh शैक्षणिक सुधार: पारदर्शिता और त्वरित परिणाम

शिक्षा के स्तर को विश्वस्तरीय बनाने के लिए विश्वविद्यालय ने अपनी मूल्यांकन प्रणाली में बड़े बदलाव किए हैं। विशेष रूप से पीएचडी प्रवेश परीक्षाओं और शोध कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। पूर्व में परिणामों में होने वाली देरी को समाप्त करते हुए, अब समयबद्ध तरीके से रिजल्ट घोषित किए जा रहे हैं। इन सुधारात्मक कदमों से न केवल छात्रों का समय बच रहा है, बल्कि विश्वविद्यालय की विश्वसनीयता भी बढ़ी है, जिससे छात्र अब अधिक सुगम शैक्षणिक अनुभव प्राप्त कर रहे हैं।

Khairagarh सांस्कृतिक पुनरुद्धार और वैश्विक पहुंच

कला और संगीत की इस नगरी में ‘खैरागढ़ महोत्सव’ की पुनः शुरुआत प्रशासन की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इसके साथ ही, संस्थान ने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ एमओयू (MoU) साइन किए हैं, जिससे छात्रों को वैश्विक मंच मिल रहा है। बुनियादी ढांचे का विस्तार, सफल दीक्षांत समारोह और विश्वविद्यालय में दाखिला लेने वाले विदेशी छात्रों की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि खैरागढ़ अब वैश्विक सांस्कृतिक मानचित्र पर चमक रहा है।

Khairagarh भविष्य की राह: कला और आधुनिकता का संगम

संवाददाता खिलेश वर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, विश्वविद्यालय अब केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं है। इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और आधुनिक सुविधाओं के समावेश ने इसे एक नई पहचान दी है। कुलपति के विजनरी नेतृत्व में खैरागढ़ विश्वविद्यालय कला, संस्कृति और शोध के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। आने वाले समय में यह संस्थान अपनी प्रगतिशील नीतियों के कारण कला जगत में नेतृत्व करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।

Also Read This: Weather Update: देशभर में बढ़ी गर्मी, कई राज्यों में 40°C पार; लू और उमस का अलर्ट