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रिपोर्टर: मनोज कुमार

Katihar : बिहार के कटिहार जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक युवा टेंट व्यवसायी ने रसूखदार परिवार के उत्पीड़न और भारी आर्थिक नुकसान से आहत होकर कीटनाशक खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह घटना फलका थाना क्षेत्र के चौरसिया (फुलडोभी) गांव की है। मृतक की पहचान 27 वर्षीय मुकेश कुमार यादव के रूप में हुई है।

Katihar शादी की सजावट बनी मौत का कारण

घटना की शुरुआत 26 अप्रैल को हुई, जब मुकेश यादव ने फलका बाजार के एक रसूखदार व्यक्ति, अखिलेश साह की बेटी की शादी में टेंट और सजावट का ठेका लिया था। मुकेश ने पूरी मेहनत से शादी का काम संपन्न कराया, लेकिन उसे क्या पता था कि यही काम उसके लिए काल बन जाएगा।

  • भुगतान से इनकार: शादी खत्म होने के बाद जब मुकेश अपनी मेहनत की मजदूरी और टेंट का सामान लेने पहुँचा, तो अखिलेश साह और उनके परिवार ने ‘सजावट पसंद नहीं आने’ का बहाना बनाकर भुगतान करने से साफ मना कर दिया।
  • सामान पर अवैध कब्जा: परिजनों का आरोप है कि रसूखदार परिवार ने न केवल पैसे देने से मना किया, बल्कि मुकेश का लगभग 8 लाख रुपये का टेंट का सामान भी जबरन जब्त कर लिया। इस दौरान मुकेश के साथ गाली-गलौज और मारपीट भी की गई।

Katihar कर्ज का बोझ और मानसिक प्रताड़ना

मुकेश एक छोटा व्यवसायी था और इस बड़े ऑर्डर को पूरा करने के लिए उसने अन्य टेंट दुकानदारों से करीब 10 लाख रुपये का सामान उधारी पर लिया था।

  • लेनदारों का दबाव: जब रसूखदार परिवार ने सामान और पैसे दबा लिए, तो जिन दुकानदारों से मुकेश ने सामान लिया था, उन्होंने अपना पैसा मांगना शुरू कर दिया।
  • अपमान का घूँट: एक तरफ सामान छिन जाने का गम और दूसरी तरफ बाजार की उधारी; इस दोहरे दबाव और रसूखदारों द्वारा किए गए अपमान को मुकेश बर्दाश्त नहीं कर सका। इसी मानसिक तनाव में आकर उसने कीटनाशक खा लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिससे घर में कोहराम मच गया।

Katihar न्याय की गुहार और पुलिसिया कार्रवाई

मुकेश की मौत के बाद उसकी माँ मीना देवी और पत्नी पूनम कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने स्पष्ट तौर पर अखिलेश साह और उनके परिवार को इस आत्महत्या का जिम्मेदार ठहराया है।

स्थानीय ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों के बयान के आधार पर जांच शुरू कर दी है। सवाल यह उठता है कि क्या रसूख के दम पर किसी गरीब की मेहनत की कमाई हड़पना और उसे मौत के मुंह में धकेलना इतना आसान है? पीड़ित परिवार अब प्रशासन से न्याय और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।

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