Kanpur Child Dead Open Tank Accident:उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां सनिगवां के बंबा इलाके में घर से महज 30 मीटर दूर खेल रहा तीन साल का एक मासूम बच्चा वाहन धुलाई सेंटर (वाशिंग सेंटर) के खुले टैंक में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है।
खेलते-खेलते टैंक में गिरा मासूम, डेढ़ घंटे बाद चला पता
Kanpur Child Dead Open Tank Accident:मिली जानकारी के अनुसार, सनिगवां के बंबा इलाके में रहने वाले मोहम्मद रफीक मजदूरी करके अपने परिवार का गुजारा करते हैं। उनके परिवार में पत्नी सहाना और तीन बेटे गुफरान, कुर्बान और सबसे छोटा तीन वर्षीय निहाल थे। सोमवार शाम करीब चार बजे निहाल घर के पास ही मोहल्ले के अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान वह खेलते-खेलते घर से करीब 30 मीटर दूर स्थित एक वाहन धुलाई सेंटर के खुले टैंक के पास पहुंच गया और उसमें जा गिरा।
परिजनों को काफी देर तक इस घटना की कोई भनक नहीं लगी। जब निहाल तय समय पर घर वापस नहीं लौटा, तो परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। पूरे मोहल्ले में बच्चे को ढूंढा गया, लेकिन उसका कहीं कुछ पता नहीं चला, जिससे परिजनों की बेचैनी लगातार बढ़ती गई।
टैंक से निकाला गया बच्चा, अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
Kanpur Child Dead Open Tank Accident:घटना के करीब डेढ़ घंटे बाद (शाम करीब 5:30 बजे) मोहल्ले के कुछ अन्य बच्चों ने परिजनों को जानकारी दी कि निहाल पास के ही टैंक में गिर गया है। यह सुनते ही परिवार और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर दौड़े और बच्चे को टैंक से बाहर निकाला। उस समय मासूम की हालत बेहद गंभीर थी।
परिजन आनन-फानन में उसे लेकर अस्पताल के लिए निकले, लेकिन रास्ते में ही मासूम निहाल ने दम तोड़ दिया। जिस बच्चे को परिवार कुछ देर पहले तक जीवित तलाश रहा था, उसकी अचानक हुई मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। हादसे के करीब 3 घंटे बाद पुलिस और दमकल विभाग को इस घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
पुलिस का बयान और खुले टैंकों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
Kanpur Child Dead Open Tank Accident:एसीपी चकेरी आशुतोष कुमार के अनुसार, परिजनों ने फिलहाल किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई कराने और शव का पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया है। परिजनों की तरफ से अभी तक थाने में कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस का कहना है कि जैसे ही इस संबंध में कोई प्रार्थना पत्र मिलेगा, नियमों के तहत आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस खौफनाक हादसे ने रिहायशी इलाकों में संचालित होने वाले सर्विस सेंटर और वहां बने खुले गड्ढों या टैंकों की सुरक्षा व्यवस्था पर बहुत बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब पांच फीट गहरे उस टैंक के आसपास बच्चों की आवाजाही रोकने के लिए कोई सुरक्षा घेरा या ढक्कन क्यों नहीं था, यह बड़ा जांच का विषय है। एक मासूम की इस तरह मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।

