Maharashtra Farmers Long March to Mumbai:महाराष्ट्र में किसानों, खेत मजदूरों और ग्रामीण कामगारों के अधिकारों को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में एक विशाल वाहन लॉन्ग मार्च शुरू किया गया है। राज्य के 20 से अधिक जिलों से आए लगभग 12,000 किसान 1,000 से ज्यादा वाहनों के काफिले के साथ अकोले से मुंबई की ओर रवाना हुए हैं। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ‘वर्षा बंगले’ तक पहुंचकर अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रखना है।
आंदोलन के पीछे मुख्य वजह और कारण
Maharashtra Farmers Long March to Mumbai:यह लॉन्ग मार्च मुख्य रूप से किसानों और ग्रामीण श्रमिकों की लंबे समय से लंबित वित्तीय, कृषि और सामाजिक सुरक्षा संबंधी मांगों को पूरा कराने के लिए निकाला जा रहा है।
अकोले में 21 से 26 अक्टूबर तक ‘महा-मुक्काम सत्याग्रह’ आयोजित करने के बाद, सरकार की ओर से कोई ठोस सकारात्मक चर्चा न होने और पुलिस के माध्यम से नोटिस जारी किए जाने के विरोध में किसानों ने यह कड़ा रुख अपनाया है। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार सभी मांगों को लिखित रूप में स्वीकार नहीं करती, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।
किसानों और कामगारों की प्रमुख मांगें
Maharashtra Farmers Long March to Mumbai:इस लॉन्ग मार्च के जरिए सरकार के सामने कई अहम मांगें रखी गई हैं, जिनमें प्रमुख शामिल हैं:
- सूखा राहत और मुआवजा: राज्य के 358 में से 305 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किए जाने के बावजूद, प्रति किसान परिवार दी गई 5,000 रुपये की सहायता राशि को संगठन ने बेहद अपर्याप्त बताया है। इसके साथ ही फसल नुकसान का उचित मुआवजा और फसल बीमा भुगतान में आ रही बाधाओं को दूर करने की मांग की गई है।
- कर्ज माफी: दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी का लाभ उन किसानों को भी दिया जाए जो नियमित रूप से अपना कर्ज चुकाते हैं।
- भूमि अधिकार: वन भूमि, देवस्थान ट्रस्ट, इनाम और चरागाह की जमीन पर खेती करने वाले किसानों के नाम भूमि अधिकार दर्ज किए जाएं।
- कल्याणकारी योजनाएं: ‘नमो शेतकरी महासम्मान निधि योजना’ की दो लंबित किस्तें जल्द किसानों के खातों में ट्रांसफर की जाएं। इसके अलावा, ई-केवाईसी प्रक्रिया के कारण ‘लाडकी बहिण योजना’ से बाहर हुई लगभग 81 लाख महिलाओं को दोबारा योजना से जोड़कर उनका बकाया मानधन तुरंत दिया जाए।
- कर्मचारियों और श्रमिकों की मांगें: इस मार्च में आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सेविकाएं, पेसा कर्मचारी, निर्माण मजदूर और पोषण आहार कर्मचारी भी शामिल हैं। इन ग्रामीण कामगारों के लिए उचित वेतन, सामाजिक सुरक्षा और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की गई है।
मार्च का रूट और आगे की रणनीति
Maharashtra Farmers Long March to Mumbai:अकोले शहर में लाल झंडों के साथ पैदल मार्च निकालने के बाद, नासिक जिले का वाहनों का काफिला भी घोटी में मुख्य मार्च से जुड़ गया। अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अशोक धवले, राष्ट्रीय महासचिव डॉ. विजू कृष्णन, राष्ट्रीय सहसचिव डॉ. अजित नवले और माकपा विधायक विनोद निकोले सहित कई प्रमुख नेता इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।
सोमवार रात को यह काफिला इगतपुरी के पास घाटणदेवी में रुका, और मंगलवार सुबह कसारा घाट के रास्ते मुंबई की ओर आगे बढ़ा है। किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री से एक प्रतिनिधिमंडल के साथ उच्च-स्तरीय बैठक कर सभी मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय लेने की अपील की है।

