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रिपोर्टर: रतन कुमार

Jamtara : ऐतिहासिक गांधी मैदान एक बार फिर खेल के क्षेत्र में एक बड़े राज्य स्तरीय महाकुंभ का गवाह बना है। शुक्रवार की देर शाम यहाँ 20वीं जूनियर बालिका राज्य स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता (2026-27) का भव्य और रंगारंग शुभारंभ हुआ। खेल की शुरुआत से पहले विभिन्न जिलों से आईं बालिकाओं ने शहर में एक भव्य मार्च पास्ट (नगर भ्रमण) निकाला, जहाँ स्थानीय नागरिकों ने तालियों के साथ उनका हौसला बढ़ाया। इसके बाद मुख्य अतिथियों और खेल पदाधिकारियों ने पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलित कर इस तीन दिवसीय खेल उत्सव की शुरुआत की।

यह प्रतिष्ठित आयोजन भारतीय खो-खो संघ के दिशा-निर्देशों के तहत झारखंड सरकार के खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग तथा जामताड़ा जिला प्रशासन के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है।

Jamtara पहली बार जामताड़ा को मिली मेजबानी, 16 जिलों की टीमें आमने-सामने

जामताड़ा जिला खो-खो संघ के अध्यक्ष डॉ. डीडी भंडारी ने इस आयोजन पर गर्व जताते हुए बताया कि इतिहास में पहली बार जामताड़ा को इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर मिला है। इस डे-नाइट (दिन-रात) नॉकआउट प्रतियोगिता में मेजबान जामताड़ा समेत झारखंड के अलग-अलग 16 जिलों की टीमें शिरकत कर रही हैं। आगामी तीन दिनों तक चलने वाले इस खेल महाकुंभ में फ्लड लाइट्स की रोशनी के बीच बेटियां अपनी रफ्तार और सूझबूझ का जलवा बिखेरेंगी।

Jamtara ‘मार्च पास्ट’ से शुरू हुआ सफर, खिलाड़ियों ने लिया खेल भावना का संकल्प

उद्घाटन समारोह के दौरान पूरा गांधी मैदान खेल प्रेमियों की भीड़ और खिलाड़ियों के उत्साह से सराबोर दिखा। रंग-बिरंगी पोशाक में सजीं अलग-अलग जिलों की खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट के दौरान अनुशासन और एकजुटता की अनूठी मिसाल पेश की। मैदान में उतरने से पहले सभी कप्तानों और खिलाड़ियों ने पूरी ईमानदारी, खेल भावना और कड़े अनुशासन के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का संकल्प लिया।

Jamtara ग्रामीण और शहरी खेल प्रतिभाओं को निखारने का बड़ा मंच

जिला खो-खो संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, इस भव्य प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य राज्य की होनहार बेटियों को एक राष्ट्रीय स्तर का मंच देना और पारंपरिक खेल खो-खो को पुनर्जीवित करना है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से न केवल शहरी बल्कि सुदूर ग्रामीण इलाकों में छुपी हुई खेल प्रतिभाएं भी सामने आती हैं।

इस खेल महोत्सव को सफल और ऐतिहासिक बनाने में मुख्य संरक्षक अजय चंद्र सिंह, संरक्षक श्यामल मंडल, सचिव संतोष प्रसाद, नंदन सिंह और कोषाध्यक्ष गौरव जोशी सहित जिला संघ के तमाम सदस्य और खेलप्रेमी दिन-रात जुटे हुए हैं।

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