रिपोर्टर: रतन कुमार
Jamtara : माकपा (सीपीआईएम) की जामताड़ा जिला इकाई ने अपनी पूर्व घोषित रणनीति के तहत मंगलवार को उप-विकास अधिकारी (एसडीओ) कार्यालय के सामने एक विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। इस प्रदर्शन के माध्यम से पार्टी नेताओं ने झारखंड सरकार की नीतियों और स्थानीय प्रशासनिक विफलताओं के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई।

राज्य सरकार की विफलताओं और नीतियों पर प्रहार
Jamtara सीपीआईएम जिला सचिव सुजीत कुमार माजी की अध्यक्षता में आयोजित इस सभा में वक्ताओं ने हेमंत सोरेन सरकार पर जनता की उम्मीदों पर खरा न उतरने का आरोप लगाया। पार्टी के राज्य सचिव मंडल सदस्य सुरजीत सिन्हा और वरिष्ठ मजदूर नेता सुजीत कुमार भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य में विस्थापन की समस्या लगातार नासूर बनती जा रही है। इसके अलावा, जमीन अधिग्रहण के बाद बनाए जा रहे लैंड बैंक से गरीब और सीमांत किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। जंगली हाथियों के हमलों में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को मिलने वाले मुआवजे में भी भारी देरी और लापरवाही बरती जा रही है।

किसानी, सिंचाई और जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
Jamtara किसान और मजदूर नेताओं—सचिन राणा, सुकुमार बाउरी, और लखनलाल मंडल—ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी बदहाली को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अरबों रुपये की लागत से बनी अजय बराज नहर प्रणाली में पानी न आने के कारण सिंचाई का ढांचा पूरी तरह ठप पड़ा है। किसानों को लैम्प्स (LAMPS) के माध्यम से फसल बेचने में मशक्कत करनी पड़ रही है, बीमा राशि बकाया है, और खाद-बीज की किल्लत बनी हुई है। वहीं सदर अस्पताल की स्थिति पर चिंता जताते हुए नेताओं ने कहा कि डॉक्टरों और जरूरी दवाइयों के अभाव में आम जनता निजी क्लीनिकों में लुटने को मजबूर है।
स्थानीय नागरिक समस्याएं और भावी आंदोलन का ऐलान
Jamtara स्थानीय स्तर पर आ रही दिक्कतों का जिक्र करते हुए वक्ताओं ने बताया कि प्रखंड कार्यालयों में जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों को चक्कर काटने पड़ रहे हैं। नगर पंचायत क्षेत्रों में फॉगिंग और छिड़काव न होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जबकि रसियाभीटा और शहरपुरा जैसे ग्रामीण इलाकों में आज भी पक्की सड़कों का अभाव है। शहर की बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था और मतदाता सूची से जायज नामों को हटाने की कथित साजिश पर भी आक्रोश जताया गया।
कार्यक्रम के अंत में सीपीआईएम नेताओं ने लाल झंडे के तले जनहित के इन मुद्दों पर आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया। साथ ही, उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक मांग पत्र सौंपने की घोषणा की गई। इस प्रदर्शन में संजय मेहता, गौर सोरेन, अशोक भंडारी सहित सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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