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IIT Bombay:मुंबई क्राइम ब्रांच वर्तमान में IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक 20 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। हालांकि, जांच में सबसे बड़ी बाधा साहिल का iPhone 17 बना हुआ है, जिस पर पैटर्न लॉक लगा हुआ है।

iPhone 17 और डेटा सुरक्षा बनी पुलिस के लिए चुनौती

IIT Bombay:पुलिस के अनुसार, साहिल के मोबाइल फोन पर लगे पैटर्न लॉक की जानकारी उसके किसी भी परिचित या दोस्त को नहीं थी। आईफोन की मजबूत डेटा एन्क्रिप्शन तकनीक और नए मॉडल की वजह से पारंपरिक फॉरेंसिक टूल्स का उपयोग करके बिना पासवर्ड के डेटा निकालना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है।

  • मिस्ड कॉल और सर्च हिस्ट्री: फोन के लॉक स्क्रीन पर कई मिस्ड कॉल दिखाई दे रहे हैं, लेकिन लॉक होने के कारण यह पता नहीं चल पा रहा है कि उसने अंतिम समय में किसे कॉल किया था या उसे किसका फोन आया था।
  • परीक्षा का अहम दिन: पुलिस को उम्मीद है कि फोन अनलॉक होने के बाद 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान साहिल द्वारा की गई इंटरनेट सर्च और उसकी गतिविधियों का पूरा सच सामने आ सकेगा।
  • अन्य एजेंसियों की मदद: इस आधुनिक तकनीक से लैस स्मार्टफोन का डेटा रिकवर करने के लिए क्राइम ब्रांच अब अन्य तकनीकी और केंद्रीय एजेंसियों से संपर्क करने पर विचार कर रही है। इसके साथ ही, उसका लैपटॉप भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।

47 मिनट के घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस

IIT Bombayघटना 18 सितंबर की है, जब परीक्षा के दौरान साहिल पर मोबाइल इस्तेमाल करने का आरोप लगा था। सीसीटीवी फुटेज में प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला द्वारा उसे परीक्षा हॉल से बाहर भेजने की बात सामने आई थी।

  • समय का अंतराल: साहिल दोपहर लगभग 12:38 बजे परीक्षा हॉल से बाहर निकला था और करीब 1:25 बजे अपने हॉस्टल के कमरे में पहुंचा।
  • सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं: पुलिस इन दोनों समय के बीच के 47 मिनट के सफर की हर एक कड़ी को जोड़ने में जुटी है। रास्ते में लगे तमाम सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि इस दौरान वह कहां-कहां गया और किससे मिला।

अब तक की जांच और बयान

IIT Bombay:शुरुआत में इस मामले की एफआईआर पवई पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी, जिसे बाद में मुंबई क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया।

  • पूछताछ का दायरा: मामले में अब तक छात्रों, प्रोफेसरों और संस्थान के अन्य कर्मचारियों समेत 20 से अधिक लोगों से पूछताछ हो चुकी है।
  • निष्कर्ष की तलाश: क्राइम ब्रांच तकनीकी सबूतों, फॉरेंसिक रिपोर्ट्स, डिजिटल डेटा और गवाहों के बयानों के आधार पर इस tragic incident की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

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