रिपोर्टर रविन्द्र सिंह
Ahmedabad : गुजरात आतंकवाद-विरोधी दस्ते (ATS) ने देश की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी सफलता हासिल की है। एटीएस ने ‘गजवा-ए-हिंद’ के नाम पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सामाजिक विद्वेष फैलाने की साजिश रचने वाले दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि इनके निशाने पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नेता और कई राजनीतिक हस्तियां थीं।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान इरफान कालेखान पठान (सिद्धपुर, पाटन) और मुर्शीद जाहिद अख्तर शेख (मुंबई) के रूप में हुई है। कोर्ट ने दोनों को 11 दिन की एटीएस हिरासत में भेज दिया है।
Ahmedabad सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथ और युवाओं की भर्ती
एटीएस की तकनीकी निगरानी के दौरान यह सामने आया कि आरोपी इरफान पठान लंबे समय से कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा के प्रचार-प्रसार में जुटा था। वह आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर युवाओं का ब्रेनवाश कर रहा था।
- डिजिटल नेटवर्क: आरोपी व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से वैश्विक आतंकी संगठन ISIS और अन्य कट्टरपंथी समूहों के संपर्क में थे।
- मुजाहिदीनों की फौज: इनका मुख्य उद्देश्य विभिन्न राज्यों से युवाओं को भर्ती करना और उन्हें भारत सरकार के खिलाफ उकसाकर एक बड़ा आतंकी नेटवर्क खड़ा करना था।
Ahmedabad विस्फोटक प्रशिक्षण और हथियारों की तस्करी का प्लान
यह केवल वैचारिक कट्टरपंथ तक सीमित नहीं था, बल्कि आरोपी जमीनी स्तर पर बड़े आतंकी हमलों की तैयारी कर रहे थे। जांच में विस्फोटक बनाने और हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी योजनाएं भी सामने आई हैं।
- RDX और बम प्रशिक्षण: एटीएस के अनुसार, आरोपी मुजाहिदीनों को RDX और अन्य घातक विस्फोटकों के उपयोग का प्रशिक्षण देने के लिए कैंप आयोजित करने की योजना बना रहे थे।
- सीमा पार से संपर्क: आरोपी पाकिस्तान और अफगानिस्तान से अवैध हथियारों की तस्करी के लिए आतंकी संगठनों के संपर्क में थे, ताकि पूरे भारत में सुनियोजित तरीके से हमलों को अंजाम दिया जा सके।
Ahmedabad ‘गजवा-ए-हिंद’ और शरिया लागू करने की साजिश
पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपियों का अंतिम लक्ष्य भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था को हटाकर ‘गजवा-ए-हिंद’ की स्थापना करना और शरिया कानून लागू करना था।
- चुनिंदा टारगेट: जांचकर्ताओं को ऐसी चैट मिली हैं जिनमें आरएसएस नेताओं और ‘काफिरों’ को निशाना बनाने की विस्तृत चर्चा की गई थी।
- आतंकी फंडिंग: आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए ये आरोपी बड़े पैमाने पर धन जुटाने (Terror Funding) की कोशिशों में भी लगे थे। मुंबई से पकड़े गए मुर्शीद शेख के मोबाइल से भी कई आपत्तिजनक दस्तावेज और चैट बरामद हुए हैं।
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