Goregaon Chemical GasGoregaon Chemical Gas
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Goregaon Chemical Gas:मुंबई के गोरेगांव पूर्व में एक सार्वजनिक शौचालय के भीतर संदिग्ध और जहरीली केमिकल गैस के रिसाव के कारण दो युवकों की दर्दनाक मौत के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। घटना के अगले ही दिन, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने इलाके में बड़े पैमाने पर बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया। इस कार्रवाई के तहत घटनास्थल के आसपास बने अवैध झोपड़ों और अनधिकृत निर्माणों को ध्वस्त किया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

Goregaon Chemical Gas:रविवार, 27 सितंबर 2026 की सुबह गोरेगांव पूर्व के राम मंदिर इलाके में स्थित मृणालताई पुल के पास (पारसी पंचायत गेट के सामने) एक सार्वजनिक शौचालय से अचानक तेज और दमघोंटू रासायनिक गंध आने लगी। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना अधिकारियों को दी।

इस जहरीली गैस की चपेट में आने से दो युवक गंभीर रूप से अचेत हो गए। मृतकों की पहचान प्रभाकर धनिवार (24 वर्ष) और भाविन देसाई (18 वर्ष) के रूप में हुई है। आनन-फानन में दोनों को ट्रॉमा केयर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया।

प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई और अवैध अतिक्रमण पर प्रहार

Goregaon Chemical Gas:घटना की गंभीरता को देखते हुए मुंबई फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (MPCB) और बीएमसी के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में सामने आया कि शौचालय के पास ‘साई इलेक्ट्रोप्लेट’ नाम की एक इकाई चल रही थी, जहां केमिकल का इस्तेमाल किया जाता था।

यह भी खुलासा हुआ कि जिस गाला (कमर्शियल यूनिट) में यह काम हो रहा था और आसपास के कई झोपड़े पूरी तरह अवैध रूप से खड़े किए गए थे। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए सोमवार को बीएमसी ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर इन सभी अवैध निर्माणों और झोपड़ों को नेस्तनाबूद करना शुरू कर दिया।

गाला मालिक गिरफ्तार, जांच जारी

Goregaon Chemical Gas:इस हादसे के सिलसिले में वनराई पुलिस स्टेशन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ‘साई इलेक्ट्रोप्लेट’ से जुड़े गाला मालिक नवीनभाई चावड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब यह गहराई से टटोल रही है कि शौचालय के भीतर इतना घातक केमिकल कैसे और किस रास्ते से पहुंचा।

फिलहाल पुलिस, दमकल विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड संयुक्त रूप से यह पता लगाने में जुटे हैं कि इस लापरवाही के लिए असल जिम्मेदार कौन है। रासायनिक रिपोर्ट आने के बाद इस पूरे मामले में और भी खुलासे होने की उम्मीद है, जबकि प्रशासन की ओर से अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई अभी भी जारी है।

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