रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Ghaziabad illegal Sex Determination Moving Car Arrested : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से कानून और इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए चलती कार के भीतर ही अवैध रूप से भ्रूण लिंग की जांच (Sex Determination) का काला कारोबार चला रहा था।
Ghaziabad illegal Sex Determination Moving Car Arrested मुखबिर की सूचना पर आधी रात को बिछाया गया जाल
यह पूरी कार्रवाई 4 जुलाई की देर रात कोतवाली थाना क्षेत्र में अंजाम दी गई। गाजियाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को आधी रात के वक्त एक मुखबिर से इस शातिर गैंग के सक्रिय होने की पक्की सूचना मिली थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीएमओ ने तुरंत नोडल अधिकारी के नेतृत्व में चार सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया। टीम ने घेराबंदी करके संदिग्ध कार (UP14 FL 9355) को रास्ते में ही दबोच लिया, जिसके बाद इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ हुआ।
Ghaziabad illegal Sex Determination Moving Car Arrested पुलिस से बचने के लिए कार को ही बना दिया ‘अल्ट्रासाउंड सेंटर’
कार की तलाशी लेने पर उसके भीतर से एक अवैध पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन बरामद हुई। मौके से पुलिस ने चार आरोपियों—संदीप, सलमान, शाहिद और तस्लीम को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में मुख्य आरोपी संदीप (जिस पर पहले भी कई केस दर्ज हैं) ने कबूला कि वे पकड़े जाने के डर से किसी फिक्स दुकान या अस्पताल के बजाय चलती गाड़ी में ही इस गैर-कानूनी काम को अंजाम देते थे। यह गिरोह गाजियाबाद, दिल्ली और पूरे एनसीआर क्षेत्र में घूम-घूमकर गर्भवती महिलाओं से 8 से 10 हजार रुपये लेकर लिंग जांच करता था।
Ghaziabad illegal Sex Determination Moving Car Arrested झोलाछाप डॉक्टरों से मिलकर कराते थे अवैध गर्भपात
जांच में यह भी सामने आया है कि यह गैंग सिर्फ लिंग जांच तक ही सीमित नहीं था। अगर कोई महिला भ्रूण का पता चलने के बाद गर्भपात (Abortion) कराना चाहती थी, तो ये लोग उसे अपने संपर्क वाले कुछ चुनिंदा नर्सिंग होम में ले जाते थे। वहाँ बिना डिग्री वाले झोलाछाप डॉक्टरों के जरिए अवैध रूप से गर्भपात कराया जाता था, जिससे महिलाओं की जान को भी बड़ा खतरा रहता था। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) सेल और स्थानीय पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और अस्पतालों की तलाश में जुट गई है

