Gandak RiverGandak River
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Gandak River:बिहार में गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है, जिसके चलते मुजफ्फरपुर जिले के पश्चिमी इलाकों में बाढ़ जैसे गंभीर हालात पैदा हो गए हैं। साहेबगंज, पारू और सरैया प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ का पानी फैल चुका है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

थाने में घुसा तीन फीट पानी

Gandak River:पारू प्रखंड के चक्की सुहागपुर थाना परिसर में गंडक का पानी घुसने से हालात बेहद विकट हो गए हैं। थाने के अंदर तीन फीट से अधिक पानी जमा है, जिसके कारण पुलिसकर्मियों और अपनी फरियाद लेकर आने वाले ग्रामीणों को आवाजाही के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। हालात का जायजा लेने के लिए पुलिस अब नाव के जरिए ही इलाके में गश्त कर रही है।

रेवा घाट पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही नदी

Gandak River:जल संसाधन विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, रेवा घाट पर गंडक नदी का जलस्तर 55.38 मीटर दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा 54.41 मीटर के खतरे के निशान से लगभग 97 सेंटीमीटर ऊपर है और जलस्तर बढ़ने का यह सिलसिला लगातार जारी है।

टूटा संपर्क, जनजीवन प्रभावित

Gandak River:चक्की सुहागपुर पंचायत में लगभग 6,500 लोग इस आपदा से सीधे तौर पर प्रभावित हैं। मुख्य मार्गों पर पानी भर जाने के कारण कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। इसके अलावा, सरैया स्थित प्रसिद्ध रेवा मंदिर के आसपास भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। ग्रामीणों के सामने आवागमन के साथ-साथ भोजन, शुद्ध पेयजल और पशुओं के चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

जिला प्रशासन और बचाव दल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले 28 सितंबर को चंपारण तटबंध टूटने के कारण रिहायशी इलाकों में पानी तेजी से फैला था, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है।

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