रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
Indore : देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) की कार्यपरिषद की बैठक में कैंपस की सुरक्षा, अनुशासन और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए हैं। बैठक के दौरान कार्यपरिषद के सदस्य डॉ. ए.के. द्विवेदी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की गरिमा और प्रतिष्ठा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। संस्थान की छवि को नुकसान पहुँचाने वाले तत्वों, चाहे वे छात्र हों या शिक्षक, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। पिछले कुछ दिनों में कैंपस में हुई अप्रिय घटनाओं पर चिंता जताते हुए उन्होंने इसे ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहिष्णुता) का विषय बताया।
Indore ‘देवी अहिल्या विद्यार्थी संकल्प पत्र’ से जुड़ेंगे संस्कार
डॉ. द्विवेदी ने जोर देकर कहा कि शिक्षा का असली उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि चरित्र का निर्माण करना भी है। इसी सोच के साथ आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रवेश के समय हर छात्र और उनके अभिभावकों से “देवी अहिल्या विद्यार्थी संकल्प पत्र” भरवाया जाएगा। इस संकल्प पत्र के जरिए छात्र अनुशासन, नैतिक मूल्यों, महिला सम्मान, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और डिजिटल तकनीक के सही इस्तेमाल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताएंगे। इस अनोखी पहल की कुलगुरु सहित सभी सदस्यों ने सराहना की।
Indore मानसिक स्वास्थ्य के लिए साइकोलॉजिस्ट की होगी नियुक्ति
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस आधुनिक दौर में तकनीकी कौशल के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं का होना भी जरूरी है। छात्रों और शिक्षकों को तनाव मुक्त रखने तथा नशामुक्ति के प्रति जागरूक करने के लिए विश्वविद्यालय में एक योग्य मनोवैज्ञानिक (साइकोलॉजिस्ट) नियुक्त किया जाएगा। यह विशेषज्ञ कैंपस में मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, स्ट्रेस मैनेजमेंट और व्यक्तित्व विकास से जुड़े कार्यक्रम चलाएगा, ताकि एक सकारात्मक शैक्षणिक माहौल तैयार हो सके।
Indore मजबूत होगी सुरक्षा और ऑनलाइन होगी परीक्षा प्रणाली
कैंपस को सुरक्षित बनाने के लिए विश्वविद्यालय की बाउंड्री वॉल (सीमा रेखा) की ऊँचाई बढ़ाने और सुरक्षाकर्मियों की संख्या में इजाफा करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने और छात्रों की सहूलियत के लिए पूरी परीक्षा प्रणाली को जल्द ही पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा। कार्यपरिषद के सदस्यों को पूरा भरोसा है कि इन कड़े और आधुनिक कदमों से देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की साख देश भर में और मजबूत होगी।

