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रिपोर्टर: सन्‍तोष सरावगी

Dabra : ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनी हकीकत जानने और शासन की लोक-कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ जनता तक पहुँचाने के लिए प्रशासन ने एक अनूठी पहल की है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान शनिवार देर शाम डबरा विकासखंड के पिछोर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत अजयगढ़ पहुँचीं। सिद्धबाबा की पहाड़ी पर आयोजित इस विशेष रात्रिकालीन चौपाल में कलेक्टर को अपने बीच पाकर ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं में भारी उत्साह देखा गया। इस चौपाल की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि कलेक्टर श्रीमती चौहान, जिला पंचायत सीईओ श्री सोजान सिंह रावत और जिले के सभी विभागीय अधिकारी एक साथ बस में सवार होकर अजयगढ़ पहुँचे थे।

Dabra बिजली बिल विवाद का मौके पर निपटारा और बुजुर्गों को पेंशन की सौगात

चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने गाँव की एक बस्ती में बिजली न होने की गंभीर समस्या उठाई। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ट्रांसफार्मर पर पुराना बिल बकाया होने के कारण सप्लाई रोकी गई है। इस पर कलेक्टर की मध्यस्थता और समझाइश के बाद बस्ती के सभी 15 परिवारों ने तुरंत बकाया बिल की 10% राशि जमा करने की सहमति दे दी। कलेक्टर ने बिजली विभाग को निर्देश दिए कि राशि जमा होते ही तत्काल विद्युत आपूर्ति बहाल की जाए। इसके अलावा, मौके पर ही भूमिहीन और 60 वर्ष से अधिक आयु वाले 4 जरूरतमंद बुजुर्गों की पहचान कर उन्हें वृद्धावस्था पेंशन योजना से जोड़ा गया।

Dabra किसानों के लिए ई-टोकन अनिवार्य, करंट से मृत्यु पर ₹4 लाख की सहायता के निर्देश

कृषि व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कलेक्टर ने किसानों को बताया कि अब खाद की उपलब्धता ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से ही की जाएगी। उन्होंने जिन किसानों की ‘फार्मर आईडी’ (किसान पहचान पत्र) नहीं बनी है, उन्हें तत्काल शिविर में ही आईडी बनवाने की सलाह दी ताकि भविष्य में खाद संकट न हो। इसी बीच, करंट लगने से एक किसान की असामयिक मृत्यु की जानकारी मिलने पर कलेक्टर ने संवेदनशीलता दिखाते हुए राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मंशानुरूप पीड़ित परिवार को ₹4 लाख की दुर्घटना सहायता राशि का प्रकरण तत्काल तैयार कर राहत पहुँचाई जाए।

Dabra मैदानी अधिकारियों के लगे काउंटर, समय-सीमा में होगा बाकी शिकायतों का हल

इस रात्रिकालीन ग्राम चौपाल में विभिन्न सरकारी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों ने अपने-अपने स्टॉल और काउंटर लगाए थे। यहाँ देर रात तक किसानों और ग्रामीणों से सीधे आवेदन लिए गए और उन्हें कल्याणकारी योजनाओं की बारीकियाँ समझाई गईं। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि जो समस्याएँ शिविर में सुलझ सकती हैं, उन्हें ऑन-द-स्पॉट ठीक करें और शेष आवेदनों का एक निश्चित समय-सीमा (Time-limit) के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने किसानों को खेती के लिए निर्धारित शेड्यूल के अनुसार निर्बाध बिजली देने के भी आदेश दिए।

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