China Nuclear Weapons Status 2026 : ग्लोबल मंच पर अपनी सैन्य महाशक्ति का लोहा मनवाने के लिए चीन बेहद खामोशी और तेजी से अपने परमाणु हथियारों (Nuclear Weapons) का जखीरा बड़ा कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और हथियारों पर नजर रखने वाली संस्था ‘सिपरी’ (SIPRI Report 2026) के ताजा आंकड़ों ने दुनिया को हैरत में डाल दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन के परमाणु हथियारों की संख्या अब 620 के पार पहुंच चुकी है। हालांकि, बीजिंग हमेशा अपनी ‘नो फर्स्ट यूज’ (पहले इस्तेमाल न करने) की नीति का ढिंढोरा पीटता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।

China Nuclear Weapons Status 2026 सिपरी रिपोर्ट 2026: हर साल बढ़ रहे हैं घातक वॉरहेड
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की वर्ष 2026 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल जनवरी तक चीन के बेड़े में एक्टिव परमाणु वॉरहेड्स की संख्या बढ़कर 620 हो गई है, जो कि पिछले साल 600 थी। पश्चिमी रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, चीन ने साल 2023 से 2025 के बीच हर साल लगभग 90 से 100 नए परमाणु हथियार अपने गोदामों में जोड़े हैं। अमेरिकी खुफिया विभाग (Pentagon) का तो यह भी अनुमान है कि वर्तमान रफ्तार को देखते हुए साल 2030 तक चीन के पास 1,000 से अधिक परमाणु हथियार हो सकते हैं।

China Nuclear Weapons Status 2026 महाशक्तियों की तुलना: रूस और अमेरिका के मुकाबले कहाँ है चीन?
हथियारों की अंधी दौड़ में तेजी से भागने के बावजूद चीन अभी भी परमाणु संपन्न देशों की सूची में शीर्ष पर बैठे रूस और अमेरिका से काफी पीछे है।
- वर्तमान आंकड़ों के मुताबिक, यदि चीन साल 2030 तक अपने अनुमानित 1,000 वॉरहेड के लक्ष्य को हासिल कर भी लेता है, तब भी उसकी परमाणु ताकत अमेरिका और रूस के कुल परमाणु भंडार के एक-चौथाई (25%) के बराबर ही होगी।
- विश्लेषकों का मानना है कि चीन का यह परमाणु विस्तार किसी पर सीधे हमले के लिए नहीं, बल्कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में मजबूत ‘सेकंड स्ट्राइक’ (जवाबी हमला करने की क्षमता) को अचूक बनाने के लिए है। यही कारण है कि वह अमेरिका-रूस की द्विपक्षीय हथियार नियंत्रण वार्ताओं से दूरी बनाए रखता है।
China Nuclear Weapons Status 2026 प्रशांत महासागर में मिसाइल टेस्ट और ‘न्यूक्लियर ट्रायड’ का शक्ति प्रदर्शन
चीन भले ही यह दावा करे कि उसके हथियार केवल आत्मरक्षा के लिए हैं, लेकिन हालिया वर्षों में उसने दुनिया को डराने वाले कई शक्ति प्रदर्शन किए हैं:
- 12,000 किमी की मारक क्षमता: चीन ने हाल ही में बिना हथियार वाली एक खतरनाक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का प्रशांत महासागर में परीक्षण किया, जिसने 12 हजार किलोमीटर की दूरी तय कर अपनी ताकत का अहसास कराया।
- न्यूक्लियर ट्रायड (Nuclear Triad): हाल ही में आयोजित एक भव्य सैन्य परेड के दौरान चीन ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी ‘परमाणु त्रिमूर्ति’ (जमीन, हवा और पानी तीनों जगहों से परमाणु मिसाइल दागने की क्षमता) का प्रदर्शन किया, जिसे चीनी मीडिया ने देश की सुरक्षा का सबसे अचूक और घातक कवच बताया है।

