रिपोर्टर: रंजीत सिंह
Bhopal : केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश की खाली हुई सीट से निर्विरोध राज्यसभा सदस्य निर्वाचित घोषित किया गया है। चुनावी प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस पार्टी ने उनके नामांकन और प्रस्तुत हलफनामे पर करीब 100 से अधिक तकनीकी एवं विधिक कमियों का दावा करते हुए कड़ी आपत्ति जताई थी। हालाँकि, चुनाव अधिकारी ने सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया, जिसके बाद कांग्रेस ने अब इस फैसले को उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) में चुनौती देने का निर्णय लिया है।
नामांकन पत्रों पर उठे गंभीर सवाल, रिटर्निंग अधिकारी ने दी हरी झंडी
Bhopal नामांकन पत्रों की जांच के दौरान विपक्षी दल और अन्य उम्मीदवारों ने हरदीप सिंह पुरी द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों पर कई सवाल खड़े किए। आपत्तियों में मुख्य रूप से हलफनामे में पत्नी के नाम का विवरण छूटने, विदेशी संपत्तियों और बैंक खातों की जानकारी भारतीय रुपये के बजाय विदेशी मुद्रा (यूएस डॉलर और स्विस फ्रैंक) में दर्ज करने तथा नोटरी सत्यापन की वैधता जैसे बिंदु शामिल थे। रिटर्निंग अधिकारी उमेश कुमार शर्मा ने प्रस्तुत दस्तावेजों और केंद्रीय मंत्री के पक्ष का अवलोकन करने के बाद जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत सभी दावों को निरस्त कर दिया।
निर्दलीय प्रत्याशियों के पर्चे खारिज होने से मार्ग हुआ साफ
Bhopal इस उपचुनाव में मुख्य विपक्षी दल के समर्थन से उतरे निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी का नामांकन आवश्यक फॉर्म-26 (शपथ पत्र) न होने के कारण निरस्त कर दिया गया। वहीं, एक अन्य निर्दलीय उम्मीदवार कांते सायन्ना का फॉर्म भी अधूरी जानकारियों की वजह से रद्द हो गया। मैदान में अन्य किसी वैध प्रत्याशी के न बचने के कारण हरदीप सिंह पुरी को निर्विरोध विजेता घोषित कर दिया गया।
राज्यसभा में बदला दलीय समीकरण, कानूनी लड़ाई की तैयारी
Bhopal केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई इस सीट पर जीत के साथ ही मध्य प्रदेश की कुल 11 राज्यसभा सीटों में से सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के पास अब 10 सीटें हो गई हैं, जबकि विपक्ष की संख्या घटकर 1 रह गई है। पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रक्रिया के समापन के पश्चात अब कांग्रेस की लीगल टीम चुनाव याचिका (Election Petition) दायर कर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।
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