Delhi Chawri Bazaar:दिल्ली के ऐतिहासिक चावड़ी बाजार इलाके में बीते गुरुवार को हुए अंडर-कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग गिरने के हादसे में पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने फरीदाबाद से तीन ठेकेदारों (कॉन्ट्रैक्टर्स) को गिरफ्तार कर लिया है। हादसे के बाद से ही पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी, जिन्हें अब गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
अवैध निर्माण पर पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
Delhi Chawri Bazaar:प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि चावड़ी बाजार की शहतारा गली में बनाई जा रही यह इमारत पूरी तरह से अवैध (इल्लीगल) थी। इसके निर्माण कार्य में नियमों को ताक पर रखा गया था। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने कंस्ट्रक्शन कराने वाले इन तीनों ठेकेदारों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। हादसे के बाद से पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है, और कई परिजन अपने लापता प्रियजनों की तलाश में रातभर घटनास्थल के बाहर डटे रहे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कड़ा रुख और इंजीनियर सस्पेंड
Delhi Chawri Bazaar:घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गुरुवार को तुरंत मौके पर पहुंची थीं और हालात का जायजा लिया था। स्थिति की समीक्षा के बाद सीएम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इलाके के जूनियर इंजीनियर (JE) और असिस्टेंट इंजीनियर (AE) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया था।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी थी कि हादसे के बाद मलबे से दो शवों को बाहर निकाला जा चुका है, जबकि एक घायल शख्स को सुरक्षित बचा लिया गया है। इस इमारत में ग्राउंड फ्लोर के अलावा दो अन्य मंजिलें बनाई जा रही थीं, जहां निर्माण कार्य जारी था। सीएम ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर भविष्य में निर्माण कार्यों में ऐसी लापरवाही बरती गई, तो संबंधित अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रेस्क्यू ऑपरेशन और मलबे हटाने का काम जारी
Delhi Chawri Bazaar:घटना को 24 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन इलाके की संकरी गली होने के कारण रेस्क्यू टीम को मलबा हटाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अभी भी मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है। हादसे के बाद से लक्ष्मण नामक एक मजदूर के लापता होने की खबर है, जिनकी बेटी न्याय और अपने पिता की खोज के लिए घटनास्थल पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए लगातार इंतजार कर रही है। प्रशासन का कहना है कि मलबा पूरी तरह हटाने के बाद ही हादसे के असल कारणों का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा।

